देहरादून: प्रतियोगी और पात्रता परीक्षाओं में धांधली के बीच अब उच्च शिक्षा के तकनीकी संस्थानों में भी पर्चा लीक की गाज गिर गई है। देहरादून स्थित उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) की सेमेस्टर परीक्षा के दो प्रश्नपत्र समय से पहले लीक हो जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों परीक्षाओं को निरस्त कर दिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीके पटेल ने प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि करते हुए बताया कि अब इन विषयों की परीक्षा नए सिरे से आयोजित की जाएगी। इस फैसले से विश्वविद्यालय से संबद्ध 12 इंजीनियरिंग कॉलेजों के हजारों छात्र-छात्राओं की मेहनत पर पानी फिर गया है।

प्रोफेसर की करतूत और जांच में हुआ खुलासा

लीक का यह मामला 'मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स' और 'इलेक्ट्रो मैग्नेटिक फील्ड थ्योरी' विषयों से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि एक संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर ने परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र के कई सवाल छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा कर दिए थे। परीक्षा में वही प्रश्न आने पर मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद विश्वविद्यालय और कॉलेज निदेशकों को अनाम ईमेल से शिकायत भेजी गई। कुलपति के निर्देश पर बनी जांच समिति ने जब पड़ताल की, तो प्रोफेसर की संलिप्तता सही पाई गई।

दोषी प्रोफेसर पर 7 साल का बैन, अगस्त में होंगी परीक्षाएं

जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी प्रोफेसर को अगले 7 वर्षों के लिए परीक्षा संबंधी सभी कार्यों से प्रतिबंधित कर दिया है। निरस्त की गई दोनों परीक्षाओं का पुनर्गठन अब अगस्त के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित किया गया है। जल्द ही नई तिथियों और परीक्षा केंद्रों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। हालांकि, देश भर में परीक्षाओं में हो रही धांधली के बीच आई इस घटना ने एक बार फिर पूरी परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।