देहरादून। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हल्द्वानी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच का कथित शुद्धीकरण किए जाने के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने इस कृत्य को संविधान के खिलाफ बताते हुए दोषियों पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

संविधान के तहत अपराध है ऐसा आचरण, बीजेपी-आरएसएस की मानसिकता पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि देश में जैसे-जैसे कोई दलित समाज का व्यक्ति सफलता की ओर बढ़ता है, उस पर उतने ही सुनियोजित तरीके से हमले शुरू हो जाते हैं। उन्होंने राजस्थान के कांग्रेस विधायक दल के नेता टीकाराम जूली और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के मंदिर प्रवेश के बाद हुए कथित शुद्धीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भी मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के बाद यही दोहराया गया। राहुल गांधी के अनुसार, भारत के संविधान में इस प्रकार का आचरण एक दंडनीय अपराध है, फिर भी बीजेपी और आरएसएस से जुड़े लोग इसे खुलेआम बढ़ावा दे रहे हैं।

10 अगस्त की घटना पर अब तक कार्रवाई न होने पर उठाए सवाल, प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

कांग्रेस नेता ने बताया कि 10 अगस्त को हल्द्वानी में हुई इस घटना के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने खुद इस मुद्दे को संसद में उठाया था। इसके बावजूद उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस कृत्य का खुलकर बचाव किया। राहुल गांधी ने अफसोस जताया कि स्पष्ट रूप से अपराध होने के बाद भी अब तक किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने मांग की कि शुद्धीकरण करने वालों पर अविलंब एफआईआर दर्ज हो और इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद संज्ञान लेते हुए देश के सामने अपनी बात रखें तथा न्याय सुनिश्चित करें।