हरिद्वार: सावन के पवित्र महीने में आयोजित होने वाले सुप्रसिद्ध कांवड़ मेले को लेकर तीर्थनगरी हरिद्वार में प्रशासनिक और सुरक्षा स्तर पर हलचल बेहद तेज हो गई है। देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक इस मेले को पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।

तैयारियों को अंतिम रूप देने और जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर ने प्रशासनिक अमले और विभिन्न विभागों के शीर्ष तकनीकी अधिकारियों की भारी-भरकम टीम के साथ संपूर्ण मेला क्षेत्र का मैराथन निरीक्षण किया। अधिकारियों की इस उच्च स्तरीय टीम ने सप्तऋषि क्षेत्र, हिल बाईपास मार्ग, रोड़ी बेलवाला विशाल मैदान और नजीबाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) का बारीकी से मुआयना किया और मौके पर मौजूद कार्यदायी संस्थाओं को तय समय सीमा के भीतर सभी निर्माण और मरम्मत कार्य अनिवार्य रूप से पूरे करने के कड़े निर्देश जारी किए।

25 जुलाई तक अल्टीमेटम: सीवर, पुल और सड़कों का निर्माण हर हाल में पूरा करने के निर्देश

हरिद्वार: मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और शहर की यातायात व्यवस्था (ट्रैफिक मैनेजमेंट) को सुचारू बनाए रखने के दृष्टिकोण से एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कांवड़ यात्रा के मुख्य मार्गों और पटरी रूटों का विशेष जायजा लिया:

  • डेडलाइन तय: निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को दो टूक लहजे में निर्देश दिए कि सीवर लाइन बिछाने, पुलों के सुदृढ़ीकरण और मुख्य हाईवे के पैच वर्क (सड़क मरम्मत) से जुड़े सभी बुनियादी काम आगामी 25 जुलाई तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं।

  • दिक्कतों से बचाना प्राथमिकता: प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि जब शिवभक्त कांवड़िए गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचें, तो उन्हें जर्जर सड़कों, जलभराव या अधूरे निर्माण कार्यों के कारण किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना का सामना न करना पड़े। इस संयुक्त निरीक्षण के दौरान कांवड़ियों के वाहनों के लिए विशाल पार्किंग स्थलों के विकास, रूट डायवर्जन के लिए बैरिकेडिंग, रास्तों पर हाई-मास्ट प्रकाश व्यवस्था, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, मोबाइल टॉयलेट (स्वच्छता) और पुख्ता सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की गई।

इस वर्ष टूटेगा रिकॉर्ड: 30 जुलाई से शुरू होगा मेला, 4 करोड़ से अधिक शिवभक्तों के आगमन का अनुमान

हरिद्वार: प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद विभागीय अभियंताओं को हिदायत दी है कि कार्यों की गति बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता (क्वालिटी) से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी आंकड़ों और खुफिया इनपुट के अनुसार, इस वर्ष कांवड़ मेला आगामी 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 11 अगस्त तक चलेगा।

इस 13 दिवसीय महाआयोजन के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 4 करोड़ से भी अधिक कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के धर्मनगरी हरिद्वार पहुंचने का एक बड़ा अनुमान लगाया गया है। इस अप्रत्याशित भीड़ को ध्यान में रखते हुए ही शहर के पूरे बुनियादी ढांचे, पार्किंग क्षमताओं और सुरक्षा घेरे को मल्टी-लेवल प्लानिंग के तहत अपग्रेड और विकसित किया जा रहा है, ताकि आपातकालीन स्थितियों से आसानी से निपटा जा सके।

कुंभ और कांवड़ का अनूठा समन्वय; डीएम मयूर दीक्षित बोले- श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

हरिद्वार: निरीक्षण के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट किया कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन का पहला और परम कर्तव्य है:

  • समय से पहले काम: डीएम ने साफ किया कि सभी विभागों को 25 जुलाई की आखिरी समय सीमा दे दी गई है। पार्किंग से लेकर पीने के पानी और प्रकाश व्यवस्था में कोई भी कोताही मिलने पर सीधे तौर पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।

  • डबल चुनौती: उन्होंने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस बार हरिद्वार में आगामी कुंभ मेले की प्रारंभिक तैयारियां और कांवड़ मेले का आयोजन लगभग साथ-साथ चल रहा है। इसलिए, कांवड़ यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए कुंभ मेला प्रशासन के साथ भी एक विशेष समन्वय (कोऑर्डिनेशन) स्थापित किया गया है, ताकि दोनों बड़े आयोजनों के काम एक-दूसरे को प्रभावित न करें।

हाईटेक सुरक्षा चक्र: 20 जुलाई के बाद आंतरिक सड़कों पर निर्माण कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित, तैनात रहेगा भारी पुलिस बल

हरिद्वार: कानून व्यवस्था और ट्रैफिक प्लान पर बात करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इतनी विशाल जनसंख्या के अचानक आगमन को देखते हुए एक बेहद आधुनिक सुरक्षा और सुगम यातायात ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है:

  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: कांवड़ पटरी मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्गों, एंट्री पॉइंट्स, पार्किंग जोन और शहर के प्रमुख चौराहों पर भारी मात्रा में अतिरिक्त पुलिस बल, अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां और सादे कपड़ों में खुफिया कर्मी तैनात रहेंगे। इसके साथ ही आधुनिक सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन निगरानी व्यवस्था के जरिए पूरे मेला क्षेत्र पर पैनी नजर रखी जाएगी।

  • निर्माण कार्यों पर रोक: एसएसपी ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि हाईवे, कांवड़ पटरी और शहर के सभी आंतरिक मार्गों पर पैचवर्क और सौंदर्यकरण का कार्य 20 जुलाई तक शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाए। इस तिथि के बाद शहर के किसी भी कांवड़ मार्ग या आंतरिक सड़क पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण या खुदाई का कार्य पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा, ताकि कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।