एनकाउंटर के बाद जितेंद्र चौधरी गैंग की कमर टूटी, तीन बदमाश गिरफ्तार
रुद्रपुर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के जिला मुख्यालय रुद्रपुर और उसके आसपास के इलाकों को दहलाने वाले एक कुख्यात अपराधी के साथ पुलिस की आमने-सामने की भीषण मुठभेड़ हुई है। लंबे समय से खाकी को चकमा देकर फरार चल रहे राज्य के मोस्ट वांटेड और खूंखार अपराधी जितेंद्र चौधरी को उधम सिंह नगर पुलिस की स्पेशल टीम ने एक साहसिक एनकाउंटर के बाद दबोच लिया है। पुलिस द्वारा की गई जवाबी और आत्मरक्षार्थ फायरिंग में यह शातिर अपराधी पैर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया।
केवल यही नहीं, पुलिस ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए उसके दो अन्य सक्रिय और खतरनाक मददगार साथियों को भी चारों तरफ से घेरकर गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, ये तीनों शातिर बदमाश हथियार से लैस होकर जिले के भीतर किसी बहुत बड़ी और सनसनीखेज आपराधिक वारदात (जैसे रंगदारी या हत्या) को अंजाम देने के इरादे से घूम रहे थे। इस हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर की सूचना मिलते ही पूरे महकमे में हड़कंप मच गया, जिसके तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और बदमाशों के पास से भारी मात्रा में बरामद अवैध हथियारों और जिंदा कारतूसों को अपने कब्जे में ले लिया।
लगातार हो रही ताबड़तोड़ फायरिंग की घटनाओं का मुख्य सूत्रधार था जितेंद्र चौधरी; पीलीभीत की महिला को भी मारी थी गोली
पकड़ा गया घायल मुख्य आरोपी जितेंद्र चौधरी, पुत्र रामचंद्र (निवासी डिबडिबा), उधम सिंह नगर पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। वह पिछले कुछ महीनों में जिले के भीतर हुई कई जानलेवा और सनसनीखेज गोलीबारी की वारदातों में मुख्य शूटर और नामजद आरोपी था:
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वह बीती 21 जून को शहर के व्यस्ततम गाबा चौक पर दिनदहाड़े हुई दहशतगर्दी और फायरिंग की वारदात का मुख्य वांछित अपराधी था।
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इसके अलावा, 30 जून की खौफनाक रात को एक ट्राला (बड़े ट्रक) पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने की घटना में भी पुलिस को उसकी सरगर्मी से तलाश थी।
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इसी ट्राला फायरिंग के दौरान उत्तर प्रदेश के पीलीभीत की रहने वाली शाइस्ता नामक एक बेकसूर महिला को गोली लग गई थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इन दोनों बड़ी वारदातों के बाद से ही पुलिस की कई टीमें इसके ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं।
सटीक मुखबिरी पर पुलिस ने बिछाया था चक्रव्यूह; रुकने का इशारा पाकर पुलिस पर ही झोंक दी थी गोलियां
इस एनकाउंटर की पटकथा सोमवार की सुबह उस वक्त लिखी गई, जब जिला पुलिस के खुफिया तंत्र (मुखबिर) से एक बेहद सटीक इनपुट प्राप्त हुआ। सूचना मिली कि वांटेड जितेंद्र चौधरी अपने दो बेहद करीबी गुर्गों—सुमित राठौर और चंदन—के साथ मिलकर रुद्रपुर के पास ही किसी व्यापारी या रसूखदार व्यक्ति को निशाना बनाने की अंतिम योजना बना रहा है।
इस इनपुट के मिलते ही उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने बिना एक पल गंवाए स्पेशल स्वाट टीम और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया और पूरे इलाके की नाकेबंदी (किलाबंदी) करने के कड़े निर्देश दिए। जैसे ही पुलिस की घेराबंदी मजबूत हुई और संदिग्धों को रुकने की चेतावनी दी गई, वे घबराकर अपनी बाइक छोड़कर पास ही के एक घने आम के बगीचे की तरफ भाग खड़े हुए। खुद को पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय अपने पास मौजूद अवैध पिस्तौलों से पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां पुलिस की गाड़ियों को चीरती हुई निकलीं, जिसके बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं। पुलिस की एक सटीक गोली सीधे जितेंद्र के पैर पर जाकर लगी, जिससे वह लहुलूहान होकर वहीं गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तुरंत एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में दर्ज हैं 10 संगीन मामले; फॉरेंसिक टीम ने खंगाला मुठभेड़ स्थल
पुलिस रिकॉर्ड के काले पन्नों को खंगाला जाए तो पता चलता है कि घायल बदमाश जितेंद्र चौधरी का एक लंबा और खौफनाक आपराधिक इतिहास (क्राइम रिकॉर्ड) रहा है। उसके खिलाफ कुल 10 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 7 बड़े मुकदमे पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में और 3 गंभीर मामले देवभूमि उत्तराखंड में दर्ज हैं। वह एक अंतरराज्यीय अपराधी के रूप में अपनी गैंग चला रहा था।
मुठभेड़ खत्म होने के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे आईजी और एसएसपी ने घटनास्थल का मुआयना किया। फॉरेंसिक टीम ने बगीचे से बदमाशों द्वारा चलाई गई गोलियों के खोखे, जिंदा कारतूस, दो अवैध तमंचे और एक पिस्तौल बरामद की है। मौके से पकड़े गए उसके दोनों साथी सुमित राठौर (निवासी ट्रांजिट कैंप) और चंदन (निवासी डिबडिबा) को पुलिस लाइन लाकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके पूरे नेटवर्क, हथियारों के सप्लायरों और उन्हें पनाह देने वाले सफेदपोशों के नामों का खुलासा किया जा सके।
अपराध और अपराधियों के खिलाफ हमारा यह जीरो-टॉलरेंस अभियान थमेगा नहीं: एसएसपी अजय गणपति
इस सफल और बड़ी कार्रवाई के बाद उधम सिंह नगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने अपनी पीठ थपथपाने वाली टीम को बधाई दी है और अपराधियों को साफ चेतावनी दी है।
उधम सिंह नगर के कप्तान अजय गणपति ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि:
"जिले की सुरक्षा और अमन-चैन के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। पुलिस और वांटेड अपराधियों के बीच हुई इस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी को गोली लगी है और उसके दो अन्य साथियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। उधम सिंह नगर जिले को अपराध मुक्त बनाने और जितने भी फरार या नामी वांटेड अपराधी हैं, उनके खिलाफ पुलिस का यह 'क्लीन-अप' अभियान और एनकाउंटर की यह नीति आगे भी लगातार जारी रहेगी। कानून हाथ में लेने वालों को उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा।" -अजय गणपति, एसएसपी - उधम सिंह नगर
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