सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण रोड पर मलबा ही मलबा, शादी समारोहों पर पड़ा असर
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण मोटर मार्ग पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा बेहद बढ़ गया है। पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे और भारी-भरकम बोल्डरों के कारण इस मार्ग पर यातायात बार-बार ठप हो रहा है। इस मार्ग के बंद होने का सीधा असर भगवान शिव और माता पार्वती के पावन विवाह स्थल के रूप में विख्यात त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और वहां तय शादियों में शामिल होने वाले मेहमानों पर पड़ रहा है।
शादी के लिए आए बाहरी राज्यों के मेहमान परेशान
रविवार की देर रात हुई भारी बारिश के बाद बड़ा सांगू इलाके में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा, जिससे रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया। मार्ग बंद होने की वजह से मुसाफिरों को भारी सामान उठाकर कई किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ा। इस दौरान गुजरात और महाराष्ट्र से आए उन श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिनका त्रियुगीनारायण मंदिर में विवाह समारोह होना तय था।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र ने बताया कि बारिश के इस मौसम में इस रास्ते पर लगातार चट्टानें खिसक रही हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पानी निकासी (ड्रेनेज) की सही व्यवस्था न होने के कारण बरसाती गधेरों का पानी सीधे सड़क पर बह रहा है। यही वजह है कि मिट्टी धंस रही है और मलबे के साथ बड़े पत्थर सड़क पर आ रहे हैं।
मार्ग को सुचारू करने का काम जारी
इधर, पीएमजीएसवाई (PMGSY) के अधिशासी अभियंता पवन कुमार ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रभावित मार्ग को दोबारा चालू करने के लिए जेसीबी और आवश्यक मशीनें मौके पर तैनात की गई हैं। सड़क से मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है और जल्द ही इस रास्ते को वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
पिंडरघाटी में मूसलाधार बारिश का कहर, 16 गांवों का संपर्क टूटा
दूसरी ओर, रविवार रात हुई भारी बारिश ने पिंडरघाटी के नारायणबगड़, थराली और देवाल ब्लॉकों में भी भारी तबाही मचाई है। कई मुख्य और संपर्क मार्ग मलबे की चपेट में आकर बंद हो गए हैं, जिससे स्थानीय जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। देवाल ब्लॉक के देवाल-खेता मानमती मार्ग समेत कई अन्य सड़कों के बंद होने से 50 से अधिक गाड़ियां बीच रास्ते में ही फंस गईं।
12 घंटे बाद बहाल हो सकी थराली-डुंग्री सड़क
प्रशासनिक मुस्तैदी के बाद थराली-डुंग्री मोटर मार्ग को करीब 12 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात के लिए दोबारा खोला जा सका। इस मार्ग के बंद रहने की वजह से सोल घाटी के 16 गांवों में रहने वाले करीब 10 हजार लोग पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए थे। वहीं, नंदकेशरी-जौला मार्ग पर सरकारी मदद न पहुंचने पर वाहन चालकों ने खुद ही फावड़े उठाकर रास्ता साफ करने का प्रयास किया।
नारायणबगड़ क्षेत्र में नलगांव-कफारतीर-भटियाणा मार्ग पिछले एक हफ्ते से बंद पड़ा हुआ है, जिसके कारण ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 25 से 30 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ रहा है। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता डीएस भंडारी ने बताया कि बंद पड़े सभी रास्तों को खोलने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच देवाल बाजार के पास लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण आसपास बने रिहायशी मकानों और दुकानों पर भी बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
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