अल्मोड़ा। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है, जिसके तहत जिले में गुरुवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बीते एक दिन में जिले के अलग-अलग हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। इस भारी वर्षा के कारण कई जगहों पर भूस्खलन होने से सड़कों पर भारी मलबा आ गया है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।

भूस्खलन से 14 राज्य मार्ग और ग्रामीण सड़कें ठप

लगातार हो रही बारिश के कारण जिले की जीवन रेखा मानी जाने वाली कई सड़कें मलबे की चपेट में आ गई हैं। भूस्खलन के चलते जिले के 14 प्रमुख राज्य मार्ग और चार मुख्य ग्रामीण सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय राजमार्ग-109 पर भी भारी मात्रा में बोल्डर और कीचड़ आने के कारण वहां वाहनों की आवाजाही पहले से ही थमी हुई है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।

रानीखेत और शीतखेत में रिकॉर्ड तोड़ वर्षा

इस मानसूनी सीजन में बारिश का सबसे उग्र रूप रानीखेत क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां पिछले 24 घंटों में 92.3 मिमी तक पानी बरसा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, शीतखेत में 91 मिमी, सल्ट में 89 मिमी, जबकि चौखुटिया और भिकियासैंण में 81.5-81.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा जैती, द्वाराहाट, जागेश्वर और अल्मोड़ा नगर में भी भारी वर्षा के कारण नदी-नाले उफान पर हैं, जबकि सोमेश्वर और बैस्याछाना में भी मध्यम दर्जे की बौछारें पड़ी हैं।

संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का बढ़ा खतरा

लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ों की मिट्टी कमजोर हो गई है, जिससे ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों और घाटियों में भूस्खलन की आशंका अत्यधिक बढ़ गई है। चट्टानें खिसकने के डर से प्रशासन ने संवेदनशील मार्गों पर यात्रा कर रहे लोगों को बेहद सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय लोगों को भी नदी तटों और ढलान वाले क्षेत्रों से दूर रहने के लिए सचेत किया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

बंद पड़े मार्गों को खोलने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास

सड़कों के अवरुद्ध होने से पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीमें पूरी तरह सक्रिय हैं। बंद पड़े राज्य मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्ग से मलबा हटाने के लिए भारी जेसीबी मशीनों और क्रेन को काम पर लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के बावजूद राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है ताकि आवश्यक सेवाओं और यातायात को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।