बाजपुर| उत्तराखंड के बाजपुर क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक युवक को सुधारने आई दिल्ली की एक संस्था (NGO) की टीम पर जानलेवा हमला कर दिया गया। युवक के हिंसक रवैये और धारदार हथियार के वार से एनजीओ टीम के मुख्य सुपरवाइजर की दर्दनाक मौत हो गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से पूरे मुड़िया पिस्तौर इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और मुख्य आरोपी को अपनी गिरफ्त में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।

परिजनों की गुहार पर दिल्ली से आई थी रेस्क्यू टीम

स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, बाजपुर के वार्ड नंबर-5, मुड़िया पिस्तौर इलाके का रहने वाला युवक यशदीप सिंह संधू गंभीर नशे की लत का शिकार था। उसके इस व्यवहार से पूरा परिवार बेहद परेशान और डरा हुआ था। युवक को इस दलदल से बाहर निकालने और उसके इलाज के लिए परिजनों ने नई दिल्ली स्थित 'संबंध समिति रिहैबिटेशन सेंटर' (NGO) से संपर्क किया था। परिवार की लिखित शिकायत और मदद की गुहार पर संस्था ने एक अनुभवी टीम को युवक को सुरक्षित नशा मुक्ति केंद्र ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

देर रात घर पहुंचते ही हुआ विवाद, युवक ने भांजी तलवार

बुधवार की देर रात करीब 11 बजे, दिल्ली से आई संस्था की रेस्क्यू टीम जैसे ही बाजपुर में युवक यशदीप के घर पहुंची, तो वहां स्थिति अचानक बिगड़ गई। टीम के सदस्यों को देखते ही आरोपी यशदीप सिंह संधू भड़क गया और उसने नशा मुक्ति केंद्र जाने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों और टीम ने जब उसे समझाने की कोशिश की, तो विवाद और ज्यादा बढ़ गया। इसी बीच, आरोपी युवक ने घर में रखी एक बेहद धारदार तलवार उठा ली और टीम के सदस्यों पर अंधाधुंध वार करना शुरू कर दिया।

सुपरवाइजर पर हुए प्राणघातक वार, अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम

आरोपी के इस अचानक और हिंसक हमले से टीम में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान टीम की अगुआई कर रहे मुख्य सुपरवाइजर सरबजीत सिंह (53) पुत्र गुरुदेव सिंह (निवासी: 17-बी, डीडीए फ्लैट, कालकाजी, नई दिल्ली) सीधे हमले की जद में आ गए। आरोपी ने उन पर तलवार से कई प्राणघातक वार किए, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।

घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। गंभीर रूप से जख्मी सरबजीत सिंह को आनन-फानन में बाजपुर के स्थानीय सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत काशीपुर रेफर कर दिया। हालांकि, जख्म इतने गहरे थे कि काशीपुर के कृष्णा अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी युवक पुलिस कस्टडी में

इस खूनी वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मृतक के साथियों और परिजनों के बयानों के आधार पर धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। वारदात को अंजाम देने के बाद भागने की फिराक में लगे आरोपी युवक यशदीप सिंह संधू को पुलिस ने घेराबंदी करके हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारी मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या हमला करने के दौरान भी आरोपी किसी भारी नशे के प्रभाव में था या इसके पीछे कोई और वजह थी।