अमृतसर के लवप्रीत बने भारत की शान, वेटलिफ्टिंग में शानदार प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार और प्रेरणादायक प्रदर्शन लगातार जारी है। इन खेलों में भारत का वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन) का सफर बेहद दमदार अंदाज में समाप्त हुआ है। वेटलिफ्टिंग स्पर्धा के अंतिम इवेंट में देश के शानदार भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने भारत के लिए रजत (सिल्वर) पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। इस शानदार पदक के साथ ही इन खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि अकेले वेटलिफ्टिंग में भारत का यह कुल आठवां पदक रहा है।
गोल्ड मेडल जीतने के बेहद करीब पहुंचे लवप्रीत
पुरुषों की सुपर-हेवीवेट (110 किलोग्राम से अधिक वजन) वर्ग की कैटेगरी में लवप्रीत सिंह ने गजब का दमखम दिखाते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वह स्वर्ण (गोल्ड) मेडल जीतने के बहुत करीब पहुंच गए थे, लेकिन न्यूजीलैंड के दिग्गज एथलीट डेविड लिटी ने मात्र 1 किलोग्राम के अत्यंत मामूली अंतर से बढ़त बनाते हुए अंततः स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया। ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आठवें दिन लवप्रीत ने वेटलिफ्टिंग में यह ऐतिहासिक 8वां पदक देश की झोली में डाला।
कौन हैं स्टार वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह?
प्रतिष्ठित भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह का जन्म 6 सितंबर 1997 को पंजाब के अमृतसर जिले के बाल सचंदर गांव में हुआ था। वर्तमान में लवप्रीत भारतीय नौसेना में एक जिम्मेदार अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में यह उनका दूसरा व्यक्तिगत पदक है। इससे पहले बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के दौरान भी उन्होंने इसी भार वर्ग में भारत के लिए कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक जीता था।
कैसा रहा लवप्रीत का शानदार प्रदर्शन?
इस कड़े मुकाबले की शुरुआत से ही लवप्रीत सिंह ने बेहतरीन लय दिखाई और अपनी पहली ही लिफ्ट में बढ़त हासिल कर ली:
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स्नैच राउंड: स्नैच के अपने पहले प्रयास में उन्होंने 168 किलोग्राम वजन उठाकर तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसके बाद उनका अगला प्रयास 173 किलोग्राम का रहा, जिसमें वे पूरी तरह सफल रहे। अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में उन्होंने 176 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
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क्लीन एंड जर्क राउंड: इसके बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्होंने 205 किलोग्राम वजन उठाया और कुल 381 किलोग्राम का भार उठाकर अपना मेडल पक्का कर लिया। हालांकि, अपने आखिरी और निर्णायक प्रयास में लवप्रीत 217 किलोग्राम वजन उठाने के प्रयास में मामूली चूक से असफल रहे, जिसके चलते उन्हें प्रतिष्ठित सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
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