अभिषेक शर्मा की सफलता की कहानी, बल्ले से जुनून और युवराज का मिला साथ
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज अभिषेक शर्मा विश्व के सबसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। 4 सितंबर 2000 को पंजाब के अमृतसर में जन्मे अभिषेक ने बेहद कम आयु में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उनके पिता राजकुमार शर्मा स्वयं एक क्रिकेटर बनना चाहते थे, जिसके चलते अभिषेक को बचपन से ही घर में खेल का अनुकूल माहौल प्राप्त हुआ।
चार साल की उम्र से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर
अभिषेक ने महज चार वर्ष की आयु से बल्ला थाम लिया था। अभ्यास के लिए वे अपने परिजनों से गेंदबाजी कराते थे। पिता के टीम इंडिया में खेलने के सपने को ही अभिषेक ने अपने जीवन का मुख्य लक्ष्य बनाया और निरंतर कड़ा अभ्यास जारी रखा।
घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
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अंडर-16 में शानदार प्रदर्शन: मात्र 16 वर्ष की उम्र में पंजाब की ओर से खेलते हुए उन्होंने एक ही सीजन में 1200 रन बनाए और 57 विकेट चटकाए, जिसके लिए उन्हें बीसीसीआई के 'नमन पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।
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प्रथम श्रेणी और अंडर-19: वर्ष 2017 में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया और 2018 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के प्रमुख सदस्य रहे।
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युवराज सिंह का मार्गदर्शन: भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह के मार्गदर्शन में अभिषेक के खेल में अभूतपूर्व सुधार आया।
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अंतरराष्ट्रीय पर्दापण: आईपीएल में 204 के स्ट्राइक रेट से 484 रन बनाने के बाद उन्हें भारतीय टीम में स्थान मिला। जिम्बाब्वे के विरुद्ध अपने दूसरे ही अंतरराष्ट्रीय मैच में उन्होंने तूफानी शतक जड़ा।
अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर और रिकॉर्ड्स
अभिषेक शर्मा ने अब तक भारत के लिए 56 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 187 के स्ट्राइक रेट से 1,629 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। उनके नाम दर्ज प्रमुख कीर्तिमान:
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दूसरा सबसे तेज अर्धशतक: न्यूजीलैंड के खिलाफ मात्र 14 गेंदों में भारत के लिए दूसरा सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड।
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सबसे तेज 100 छक्के: टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम गेंदों में 100 छक्के पूरे करने का कीर्तिमान भी उनके नाम दर्ज है।
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