रुड़की: उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र से पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। हरिद्वार रोड पर संचालित एक नशा मुक्ति केंद्र में करीब 9 महीने से जबरन बंधक बनाकर रखे गए एक असहाय बुजुर्ग को आखिरकार उनके कुछ दूर के रिश्तेदारों ने तत्परता दिखाते हुए सकुशल मुक्त करा लिया है। इस पूरे मामले के पीछे बुजुर्ग की करोड़ों रुपये की संपत्ति और पेंशन को हड़पने की एक बड़ी और सोची-समझी साजिश बताई जा रही है। पीड़ित बुजुर्ग को मुक्त कराने के बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।

पुत्रों पर लगा जमीन बेचकर पैसे हड़पने का गंभीर आरोप

मुक्त कराए गए बुजुर्ग के रिश्तेदारों ने पुलिस के सामने उनके बेटों की घिनौनी करतूतों का खुलासा करते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि देहरादून में रहने वाले बुजुर्ग के दो सगे बेटों की नियत अपने ही पिता की जीवनभर की जमा-पूंजी पर खराब हो गई थी। दोनों बेटों ने धोखाधड़ी और साठगांठ का सहारा लेकर पिता के नाम की कीमती जमीन को औने-पौने दामों में बेच दिया और उससे मिले सारे पैसों को खुद हजम कर गए। बेटों का लालच यहीं नहीं रुका, उन्होंने बुजुर्ग पिता की मासिक पेंशन पर भी उनकी मर्जी के खिलाफ जाकर बैंक से एक बड़ा लोन पास करा लिया।

रास्ते से हटाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र को बनाया जरिया

संपत्ति और सारे वित्तीय संसाधनों पर पूरी तरह कब्जा कर लेने के बाद कलयुगी बेटों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पिता की मौजूदगी थी। इस अड़चन को हमेशा के लिए दूर करने और पिता की आवाज को दबाने के लिए उन्होंने एक खौफनाक रास्ता चुना। दोनों बेटों ने बुजुर्ग को मानसिक रूप से अस्वस्थ और नशेड़ी साबित करने का ढोंग रचा और उन्हें हरिद्वार रोड स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में ले जाकर भर्ती करा दिया। पिछले 9 महीनों से बुजुर्ग वहां बिना किसी लत या बीमारी के नारकीय जीवन जीने और मानसिक प्रताड़ना झेलने को मजबूर थे।

रिश्तेदारों की मुस्तैदी और पुलिस की मदद से मिली मुक्ति

काफी समय तक बुजुर्ग का कोई सुराग न मिलने पर जब उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों को शक हुआ, तो उन्होंने अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की। आखिरकार कड़ियां जोड़ते हुए उन्हें पता चला कि बुजुर्ग को रुड़की के एक नशा मुक्ति केंद्र में कैद करके रखा गया है। इसके तुरंत बाद रिश्तेदारों ने बिना कोई समय गंवाए स्थानीय पुलिस चौकी और वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क साधा। पुलिस की एक विशेष टीम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर दबिश दी और नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधन को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देकर बुजुर्ग को उनके बेटों के चंगुल से आजाद कराया।

पुलिस द्वारा मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई का भरोसा

इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद स्थानीय थाना पुलिस ने पीड़ितों की लिखित शिकायत के आधार पर मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बुजुर्ग के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और देहरादून में रहने वाले उनके दोनों बेटों को पूछताछ के लिए जल्द ही रुड़की तलब किया जाएगा। इसके साथ ही, पुलिस इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि बिना किसी ठोस डॉक्टरी परामर्श और मेडिकल रिपोर्ट के नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों ने इतने महीनों तक बुजुर्ग को वहां किस आधार पर रखा, और दोषी पाए जाने पर केंद्र प्रबंधन के खिलाफ भी सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।