हल्द्वानी उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर में सोमवार को एक अजीबोगरीब और हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब स्थानीय निवासी एक युवती सीधे शहर की मुख्य कोतवाली जा पहुंची। युवती ने अल्मोड़ा जिले के रहने वाले एक युवक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने शादी का झांसा देकर उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए हैं। इस दौरान कोतवाली परिसर में युवती युवक के साथ विवाह करने की अपनी जिद पर पूरी तरह अड़ी रही, जिसके चलते पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को अपनी हिरासत में ले लिया। इस पूरी घटना के दौरान पुलिस स्टेशन के भीतर घंटों तक भारी गहमागहमी और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

शादी का झांसा देने और गर्भवती होने का आरोप

पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में युवती ने बताया कि अल्मोड़ा का रहने वाला यह युवक वर्तमान में हल्द्वानी में रहकर ही कोई नौकरी करता है। करीब एक साल पहले किसी सिलसिले में दोनों की आपसी मुलाकात हुई थी, जो धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई। युवती का मुख्य आरोप है कि इसी नजदीकी का फायदा उठाकर युवक ने उससे शादी करने का झूठा वादा किया और कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, युवती ने खुद को दो महीने से गर्भवती होने की बात भी कही।

कोतवाली में घंटों चला मानमनोव्वल और ड्रामा

मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना देर किए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। इस बीच युवक के तमाम परिजन भी कोतवाली पहुंच गए और वे लगातार काफी देर तक युवती का मानमनोव्वल करने का प्रयास करते रहे। हालांकि, युवती अपनी जिद पर टस से मस नहीं हुई और साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि युवक उससे विवाह नहीं करता है, तो वह उसके खिलाफ थाने में आधिकारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराएगी।

कोतवाली परिसर में फूट-फूट कर रोई आरोपी युवक की बहन

थाने के अंदर जब पुलिस ने युवक को अपनी हिरासत में लिया, तो यह देखकर उसकी बहन बुरी तरह टूट गई और कोतवाली परिसर में ही फफक-फफक कर रोने लगी। वह कभी अपने भाई को तो कभी उस युवती को कोसती हुई नजर आई। इस दौरान वहां मौजूद अन्य पारिवारिक सदस्य उसे बार-बार चुप कराने और ढांढस बंधाने की कोशिश करते रहे, जिससे वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था।

देर शाम दोनों पक्षों के बीच हुआ आपसी समझौता

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के अंत में राहत की खबर यह रही कि देर शाम दोनों पक्षों ने बैठकर आपसी रजामंदी से मामले को सुलझा लिया। युवती की तरफ से पुलिस को कोई भी लिखित तहरीर (शिकायत पत्र) नहीं सौंपी गई। चूंकि दोनों ही पक्ष वयस्क (बालिग) हैं, इसलिए पुलिस ने भी आपसी कानूनी दायरे को देखते हुए हस्तक्षेप किया। कोतवाली के भीतर ही दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाने के बाद युवती ने किसी भी प्रकार की औपचारिक कानूनी कार्रवाई से साफ इंकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।