'कब मिलेगा इस खिलाड़ी को मौका?' गंभीर पर दिग्गज का हमला, चयन नीति पर उठाए सवाल
लंदन। इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए तीसरे और निर्णायक एकदिवसीय (वनडे) मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम को 27 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस शिकस्त के साथ ही टीम इंडिया ने तीन मैचों की यह रोमांचक सीरीज 1-2 से अपने नाम नहीं कर, बल्कि गंवा दी। इस हार के बाद भारतीय क्रिकेट गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। देश के पूर्व मुख्य चयनकर्ता और 1983 के विश्व कप विजेता खिलाड़ी कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और संपूर्ण टीम प्रबंधन की रणनीतियों पर तीखा हमला बोला है। श्रीकांत ने विशेष तौर पर मध्यक्रम के बल्लेबाज केएल राहुल के बल्लेबाजी क्रम में बार-बार किए जा रहे बदलावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि टीम प्रबंधन इस अनुभवी खिलाड़ी के साथ सरासर अन्याय कर रहा है।
'केएल राहुल कोई नंबर छह या सात पर खेलने वाले बल्लेबाज नहीं हैं'
अपने यूट्यूब चैनल पर खुलकर बात करते हुए पूर्व मुख्य चयनकर्ता श्रीकांत ने कहा कि इतने बड़े और चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते समय केएल राहुल को नंबर-छह के पायदान पर बल्लेबाजी के लिए भेजना पूरी तरह से समझ से परे है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, 'जब आप 387 रनों जैसे विशाल लक्ष्य का पीछा कर रहे हों, तो क्या कोई समझदारी से काम लेते हुए केएल राहुल को नंबर-6 पर मैदान में उतारता है? इस खिलाड़ी ने अतीत में दबाव और मुश्किल रन चेज (लक्ष्य का पीछा करते हुए) परिस्थितियों में भारत को अपने दम पर कई मुकाबले जिताए हैं। क्या आपको लगता है कि राहुल वाकई नंबर-छह या नंबर-सात के स्तर के बल्लेबाज हैं?'
'संजू और वैभव के बाद अब राहुल का नंबर आ गया है'
गौतम गंभीर की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधते हुए श्रीकांत ने आरोप लगाया कि केएल राहुल के साथ भी बिल्कुल वैसी ही स्थिति पैदा की जा रही है, जैसी पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन और युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के साथ देखने को मिली थी। उन्होंने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, 'जिस तरह से आपने पहले संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी के करियर और फॉर्म के साथ नुकसान किया, अब ठीक वही तरीका आप केएल राहुल के मामले में अपना रहे हैं। यह उस प्रतिभावान खिलाड़ी के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। मैदान पर कल उनकी शारीरिक भाषा (बॉडी लैंग्वेज) भी एक दबाव में आए और घबराए हुए खिलाड़ी की तरह नजर आ रही थी।'
'राहुल को तो चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजना चाहिए था'
क्रिकेट विशेषज्ञ श्रीकांत का साफ तौर पर मानना है कि केएल राहुल को निचले क्रम में भेजने के बजाय चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारा जाना चाहिए था। उनके मुताबिक, यदि राहुल और अनुभवी विराट कोहली क्रीज पर समय बिताते, तो दोनों की यह मजबूत साझेदारी भारत के लिए मैच का रुख पूरी तरह से बदल सकती थी।
उन्होंने आगे विश्लेषण करते हुए कहा, 'भारतीय टीम को उस नाज़ुक मोड़ पर इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर जैसी आक्रामक और संभली हुई पारी खेलने वाले खिलाड़ी की सख्त जरूरत थी। अगर राहुल को नंबर-चार पर भेजा जाता, तो वह दिग्गज विराट कोहली के साथ मिलकर वैसी ही शानदार साझीदारी निभा सकते थे, जैसी उन्होंने वर्ष 2023 के वनडे विश्व कप के दौरान कई मौकों पर करके दिखाई थी।'
उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए जोड़ा कि जब मैच लगभग पूरी तरह से हाथ से निकल चुका था और जीत की उम्मीदें धुंधली हो गई थीं, तब जाकर राहुल को बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर भेजा गया। ऐसे समय में जब ओवरऑल रन रेट के लिहाज से 15 रन प्रति ओवर की दरकार थी, वह निचले क्रम पर ऑलराउंडर अक्षर पटेल के साथ मिलकर चमत्कारिक रूप से मैच कैसे जिता सकते थे?
भारत की मजबूत और शानदार शुरुआत बेकार साबित हुई
मैच के आंकड़ों की बात करें तो 387 रनों के पहाड़ जैसे विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान शुभमन गिल, अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली के अर्धशतकों और सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के एक दर्शनीय शतक के दम पर बेहद शानदार और ठोस शुरुआत मिली थी। हालांकि, टीम का मध्यक्रम इस बेहतरीन शुरुआत का सही फायदा उठाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ। ईशान किशन, श्रेयस अय्यर और केएल राहुल जैसे बड़े नाम क्रीज पर टिककर कोई बड़ी पारी खेलने में असफल रहे, जिसके परिणामस्वरूप टीम अंततः 27 रनों से मुकाबला हार गई। उल्लेखनीय है कि केएल राहुल पारी के 44वें ओवर के अंतिम क्षणों में बल्लेबाजी करने उतरे थे, जब टीम इंडिया को जीत के लिए केवल 36 गेंदों में 84 रनों की दरकार थी। उन्होंने महज आठ गेंदों का सामना करते हुए 12 रनों का योगदान दिया।
गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद बदली है राहुल की भूमिका
गौरतलब है कि साल 2023 के वनडे विश्व कप के दौरान केएल राहुल ने मुख्य रूप से पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए कुल 10 पारियों में शानदार 452 रन बनाए थे। हालांकि, जब से गौतम गंभीर ने भारतीय टीम के मुख्य कोच की कमान संभाली है, तब से राहुल को अधिकांश मुकाबलों में नंबर-6 पर ही उतारा जा रहा है। इसके अलावा कई ऐसे अहम मौके भी आए हैं जब उनसे पहले अक्षर पटेल को बल्लेबाजी के लिए ऊपर भेजा गया। हालांकि यह प्रयोग 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान सफल जरूर साबित हुआ था, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ इस महत्वपूर्ण और निर्णायक मुकाबले में इसी विशेष रणनीतिक फैसले पर अब क्रिकेट पंडितों और पूर्व दिग्गजों द्वारा बड़े सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
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