देहरादून: उत्तराखंड में जनगणना प्रक्रिया को लेकर एक अहम प्रगति सामने आई है। राज्य में पहले चरण के तहत मकानों की सूचीकरण एवं गणना का काम 24 मई 2026 को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया था। अब इसके दूसरे चरण में प्रदेश के स्नो बाउंड (हिम आच्छादित एवं दुर्गम) क्षेत्रों में व्यक्तिगत जनसंख्या गणना का काम 25 अगस्त 2026 से शुरू होने की प्रबल संभावना है। इसे देखते हुए जनगणना कार्य निदेशालय ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इस बाबत अधिसूचना जारी होना बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि यह चरण 30 सितंबर तक चलेगा। वहीं, कर्मचारियों के प्रशिक्षण का कार्य जुलाई माह के अंतिम सप्ताह से शुरू किया जा रहा है।

देशभर के बर्फीले इलाकों में 25 अगस्त से जनगणना की संभावना

भारत सरकार के दिशानिर्देशों के तहत देश के सभी हिम आच्छादित क्षेत्रों में 25 अगस्त से 30 सितंबर 2026 के मध्य ही जनसंख्या की गणना का कार्य प्रस्तावित है। इसी क्रम में उत्तराखंड के चार पर्वतीय जिलों के 131 गांवों और 3 नगर पंचायतों को 'स्नो बाउंड' श्रेणी में रखा गया है। भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त (ORGI) द्वारा जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद इन क्षेत्रों में आबादी के आंकड़ों को जुटाने की कवायद शुरू होगी।

चार प्रमुख जिलों के 131 गांव और 3 नगर पंचायतें चिह्नित

उत्तराखंड शासन द्वारा राज्य के चार सीमांत एवं उच्च हिमालयी जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ को स्नो बाउंड क्षेत्र की सूची में शामिल किया गया है। आंकड़ों के अनुसार, उत्तरकाशी जिले में सर्वाधिक 69 गांव और एक नगर पंचायत (गंगोत्री) शामिल हैं। इसी प्रकार चमोली जिले के 23 गांव और नगर पंचायत (बदरीनाथ), रुद्रप्रयाग जिले के चार गांव और नगर पंचायत (केदारनाथ) तथा पिथौरागढ़ जिले के 35 गांव इस श्रेणी में आते हैं।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाई योजना

पहाड़ी और बर्फबारी वाले इन इलाकों में सर्दियों के दौरान आवाजाही बेहद कठिन हो जाती है, इसी वजह से मुख्य जनगणना से पहले ही इन दुर्गम स्थानों पर व्यक्तिगत गणना का कार्य पूरा कर लिया जाता है। प्रशासनिक अधिकारी जल्द ही भारत के महापंजीयक की अंतिम अधिसूचना के आधार पर इन सभी चिन्हित गांवों और नगर पंचायतों में प्रगणकों (Enumerators) की तैनाती करेंगे, ताकि समय सीमा के भीतर दूसरा चरण भी सुचारू रूप से पूरा किया जा सके।