देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से पर्यटकों के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है। 20 जुलाई को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते देहरादून-मसूरी हाईवे कई स्थानों पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मार्ग की खतरनाक स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस हाईवे को आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही अब किसी भी वाहन या पर्यटक को इस रास्ते से मसूरी जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

कई जगहों पर धंसी सड़क, लगा लंबा जाम

बारिश के कारण मसूरी मार्ग पर कई स्थानों पर पूरी सड़क धंस गई, जबकि कई हिस्सों में पहाड़ी से भारी पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। सड़क बंद होने और मलबे के कारण रास्ते में दोनों तरफ वाहनों का लंबा जाम लग गया, जिससे मसूरी आने-जाने वाले यात्री जहां के तहां फंस गए। आमतौर पर बेहद सुरक्षित माने जाने वाले इस हाईवे पर कई क्षेत्र अब अत्यधिक संवेदनशील और खतरे की जद में आ गए हैं।

पिछले साल की संवेदनशील जगहें फिर बनीं खतरा

जिला प्रशासन का मानना है कि इस मार्ग पर चार से पांच ऐसे अति-संवेदनशील स्थान हैं, जहाँ से गुजरना जानलेवा साबित हो सकता है। विशेष रूप से उन जगहों पर सबसे अधिक खतरा बना हुआ है जहाँ बीते वर्ष की बारिश में भी नुकसान हुआ था। मसूरी के जॉइंट मजिस्ट्रेट राहुल आनंद ने बताया कि पिछले साल प्रभावित हुए हिस्से एक बार फिर संवेदनशील हो गए हैं, जिसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रशासनिक कर्मचारियों को तैनात कर फिलहाल मार्ग को बंद कर दिया गया है।

सुरक्षा के लिए होगा सेफ्टी सर्वे

हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम प्रभावित क्षेत्रों का सेफ्टी सर्वे करेगी। इस दौरान सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की जाएगी और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी, जिसके आधार पर मरम्मत कार्य योजना बनाई जाएगी। जिन स्थानों पर सड़क पूरी तरह धंस चुकी है, वहाँ तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में सेफ्टी सर्वे के बाद ही तय हो पाएगा कि मार्ग को फिर से खोलने में कितना समय लगेगा।

मानसून में पहुंचे पर्यटकों की बढ़ीं मुश्किलें

मानसून के दौरान भी उत्तराखंड और पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी का रुख करते हैं। ऐसे में प्रमुख मार्ग के अचानक पूरी तरह बंद हो जाने से पर्यटकों की योजनाएं अधर में लटक गई हैं। जब तक सेफ्टी सर्वे पूरा होकर सड़क को सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक मसूरी की यात्रा पर पूरी तरह रोक बनी रहेगी।