देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है, जिसके चलते राज्य सरकार ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के बाद मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। शासन की ओर से नागरिकों को सुरक्षा की दृष्टि से नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्राओं से बचने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन की टीमें, जिनमें एसडीआरएफ और एनडीआरएफ शामिल हैं, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूर्ण रूप से मुस्तैद कर दी गई हैं।

10 जिलों में शैक्षणिक संस्थानों का अवकाश

मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने राज्य के 10 प्रमुख जिलों में आज स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। इनमें चमोली, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, अल्मोड़ा, पौड़ी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ शामिल हैं। इन जिलों में कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी, निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे बच्चों को घर पर ही रखें और मौसम संबंधी ताजा जानकारियों पर लगातार नजर बनाए रखें।

मुख्यमंत्री ने दी त्वरित कार्रवाई की चेतावनी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी जिलों में हालात पर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा नजर रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूस्खलन और बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासन को पूरी तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी इलाकों में सड़क ब्लॉकेज की संभावनाओं को देखते हुए मशीनरी और राहत दल पहले से ही संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं।

चार धाम यात्रा और आपदा प्रबंधन पर नजर

प्रशासन ने चार धाम यात्रा मार्ग पर भी कड़ी निगरानी रखी हुई है, क्योंकि नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और मार्गों के अवरुद्ध होने का खतरा बना हुआ है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों को सक्रिय किया गया है। श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान जोखिम लेने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूर्णतः पालन करें। आपदा की किसी भी सूचना को प्राथमिकता के साथ जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों को साझा करने के आदेश दिए गए हैं ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।