चंपावत: उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक अद्भुत साहस और बहादुरी की घटना सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। जिले के सिमल्टा गांव में एक गुलदार के घर में घुसकर हमला करने के बाद, एक बेटी ने अपनी जान जोखिम में डालकर अपने पिता की रक्षा की। इस दिलेरी भरी घटना की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है।

कुत्ते का पीछा करते हुए घर में घुसा गुलदार

घटना शुक्रवार रात करीब नौ बजे की है। जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर स्थित सिमल्टा गांव में सुरेश चंद्र पांडेय अपने घर में भोजन करने के बाद कमरे में बैठकर टीवी देख रहे थे। उसी समय, एक गुलदार किसी कुत्ते का पीछा करते हुए अचानक उनके घर के भीतर घुस आया। गुलदार को देखते ही वहां अफरातफरी मच गई और उसने देखते ही देखते सुरेश चंद्र पांडेय पर हमला कर दिया।

बेटी ने दिखाई अदम्य साहस, गुलदार को कमरे में किया कैद

गुलदार द्वारा अपने पिता पर किए गए जानलेवा हमले को देखकर सुरेश चंद्र पांडेय की बेटी घबराई नहीं। उसने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत मोर्चा संभाला और पिता को गुलदार के पंजों से छुड़ाने के लिए शोर मचाया और साहस का परिचय दिया। पिता को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद, बेटी ने फुर्ती दिखाते हुए बाहर से कमरे का दरवाजा बंद कर लिया, जिससे गुलदार अंदर ही फंस गया। बेटी की इस सूझबूझ और बहादुरी ने न केवल अपने पिता की जान बचाई, बल्कि एक बड़ी अनहोनी को भी टाल दिया।

घायल पिता का अस्पताल में उपचार जारी

गुलदार के हमले में सुरेश चंद्र पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। वर्तमान में उनका उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

वन विभाग ने किया रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और काफी मशक्कत के बाद कमरे में बंद गुलदार को सुरक्षित पकड़ लिया। गुलदार के पकड़े जाने के बाद ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

इस घटना के बाद से सिमल्टा गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में गुलदारों की बढ़ती आवाजाही को रोकने के लिए नियमित गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बेटी की इस वीरता की प्रशंसा हर कोई कर रहा है और उसे एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।