हाथी के हमले में किसान की दर्दनाक मौत, घर से भागते समय सूंड से उठाकर कुचला
बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बलरामपुर और सूरजपुर जिले की सीमा से सटे इलाकों में हाथियों के दल ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना में एक किसान की हाथियों द्वारा कुचलकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।
सूंड से उठाकर पटका और कुचल दिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजपुर क्षेत्र के रेवतपुर पंचायत निवासी बालम अपने घर में मौजूद था। इसी दौरान जंगली हाथियों के एक दल ने उसके घर को निशाना बनाया और उसे तोड़ना शुरू कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए जैसे ही वह घर से बाहर निकलकर भागा, हाथियों ने उसे घर से महज 100 मीटर की दूरी पर धर दबोचा। हाथियों ने उसे अपनी सूंड से हवा में उछाला और जमीन पर पटक कर बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
तीन जंगली हाथियों का दल बना मुसीबत
इलाके के ग्रामीण पिछले कई महीनों से तीन जंगली हाथियों के इस आक्रामक दल से जूझ रहे हैं। इन हाथियों की लगातार आवाजाही ने स्थानीय लोगों के सामान्य जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसी दल ने एक सप्ताह पूर्व भी एक ग्रामीण पर जानलेवा हमला किया था, जिसमें पीड़ित की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी और वह अभी भी उपचाराधीन है।
वन विभाग के प्रयासों से नाखुश ग्रामीण
स्थानीय निवासियों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि:
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विफल सुरक्षा: वन विभाग द्वारा हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए जंगल के किनारे सोलर फेंसिंग कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद हाथी लगातार गांवों और मुख्य सड़कों तक पहुंच रहे हैं।
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खेतों में जाने का डर: हाथियों के निरंतर भय के कारण किसान अपनी फसलों की देखभाल के लिए खेतों में जाने से भी डर रहे हैं।
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मुआवजे की मांग: ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से हाथियों के इस आतंक का कोई स्थायी समाधान खोजने और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।
क्षेत्र में लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीण डरे हुए हैं और वन विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा कर रहे हैं।
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