डेंगू पर वार की तैयारी, देहरादून में अस्पतालों को अलर्ट; 831 बेड सुरक्षित
देहरादून। मानसून की दस्तक के साथ ही डेंगू के संभावित प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। जिले के तमाम सरकारी और निजी अस्पतालों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य ढांचे को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया गया है। विभाग ने डेंगू से पीड़ित मरीजों के त्वरित और समुचित इलाज के लिए जिले भर के 40 प्रमुख अस्पतालों में कुल 831 बेड विशेष रूप से आरक्षित कर दिए हैं, जिनमें 699 सामान्य बेड और गंभीर मरीजों के लिए 132 जीवन रक्षक आईसीयू बेड शामिल हैं।
अस्पतालों में बेड आरक्षित करने की मुस्तैदी
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देहरादून जिले के 40 मुख्य चिकित्सा संस्थानों में कुल 7,571 बेड की क्षमता उपलब्ध है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा विशेष रूप से डेंगू के उपचार के लिए समर्पित किया गया है। तैयारियों के तहत सबसे अधिक 100 डेंगू बेड जौलीग्रांट स्थित हिमालयन हॉस्पिटल में सुरक्षित रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त सुभारती अस्पताल में 65, एम्स ऋषिकेश में 60, एसएमआई अस्पताल में 50, जबकि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय और कैलाश अस्पताल में 40-40 बेड आरक्षित किए गए हैं, जबकि ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों के सामुदायिक और उप जिला अस्पतालों में भी आवश्यकतानुसार मुकम्मल व्यवस्था की गई है।
विगत चार वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से साझा किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले चार वर्षों में जिले के भीतर डेंगू के कुल 3,482 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। साल दर साल के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो वर्ष 2022 में सबसे अधिक 1,434 लोग डेंगू की चपेट में आए थे, जबकि वर्ष 2023 में यह संख्या मामूली गिरावट के साथ 1,201 रही। इसके बाद वर्ष 2024 में डेंगू के मामलों में भारी कमी आई और केवल 37 मामले सामने आए, लेकिन अगले ही वर्ष 2025 में संक्रमण ने फिर रफ्तार पकड़ी और कुल 785 नए मामले दर्ज किए गए।
चालू वर्ष में संक्रमण की वर्तमान स्थिति
इस चालू वर्ष में संक्रमण के प्रसार की बात करें तो शुरुआती महीनों में स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में दिखाई दे रही है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, इस वर्ष के शुरुआती महीनों यानी अप्रैल और मई के दौरान अब तक जिले में डेंगू के कुल 25 मामले सामने आए हैं। विभाग का मानना है कि मानसून के रफ्तार पकड़ने के साथ ही मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ता है, जिसके कारण आने वाले हफ्तों में यह संख्या बढ़ सकती है और इसी संभावित खतरे को भांपते हुए चिकित्सा अमला पहले से ही पूरी तैयारी में जुट गया है।
प्रशासनिक सतर्कता और जनता से अपील
डेंगू के संभावित खतरे को न्यूनतम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग न केवल अस्पतालों में बेड बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जन-जागरूकता अभियान भी चला रहा है। विभागीय अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास पानी जमा न होने दें और कूलर, गमलों व टायरों की नियमित सफाई करें। अस्पतालों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे प्लेटलेट्स और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखें ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े और समय रहते सबको बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
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