केदारनाथ यात्रा पर संकट, पैदल रास्ता बाधित; गौरीकुंड से श्रद्धालु वापस भेजे गए
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम की यात्रा पर बहुत बड़ा ब्रेक लगा दिया है। पहाड़ों से लगातार हो रहे भारी भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग कई जगहों पर बुरी तरह टूट गया है और मलबे में तब्दील हो चुका है। श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसके साथ ही पहाड़ों से लगातार गिर रहे भारी-भरकम बोल्डरों (चट्टानों) के सीधे खतरे को देखते हुए बेस कैंप गौरीकुंड से ही श्रद्धालुओं को वापस सुरक्षित स्थानों पर लौटाया जा रहा है।
पैदल मार्ग पर कई जगह लैंडस्लाइड, रास्ते हुए बेहद खतरनाक
गौरीकुंड से केदारनाथ धाम को जोड़ने वाला पैदल यात्रा मार्ग लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से बेहद संवेदनशील और खतरनाक हो गया है। कई पर्वतीय हिस्सों में भूस्खलन होने से मार्ग का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। यात्रियों की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए प्रशासन ने गौरीकुंड गेट पर ही बैरिकेडिंग लगा दी है और अगले आदेश तक किसी भी तीर्थयात्री को केदारनाथ की तरफ आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
युद्धस्तर पर जारी है रास्ता साफ करने का काम, सुरक्षा एजेंसियां तैनात
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चट्टानें गिरने का सिलसिला जारी: अत्यधिक बारिश के चलते पहाड़ों के दरकने का सिलसिला थम नहीं रहा है। पैदल मार्ग पर कई जगहों पर बड़े-बड़े बोल्डर आकर गिर गए हैं, जिससे रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया है।
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टीमें मुस्तैद: इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस, डीडीआरएफ (DDRF) और आपदा प्रबंधन की अन्य संबंधित एजेंसियां संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त और निगरानी कर रही हैं। मार्ग को दोबारा सुरक्षित बनाने और मलबे को हटाने के लिए राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन अधिकारी की अपील: मौसम सामान्य होने तक यात्रा न करें
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सुरक्षा सर्वोपरि: जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से बेहद भावुक और जरूरी अपील की है। उन्होंने कहा, "जब तक पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक श्रद्धालु केदारनाथ धाम के लिए अपनी यात्रा शुरू न करें। हमारे लिए यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है।"
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सर्टिफिकेट के बाद ही शुरू होगी यात्रा: उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक आपदा प्रबंधन और तकनीकी टीम द्वारा पूरे पैदल मार्ग का सुरक्षा परीक्षण (सेफ्टी ऑडिट) पूरा नहीं कर लिया जाता और इसे पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक यात्रा दोबारा शुरू नहीं की जाएगी।
अफवाहों से बचें और केवल प्रशासनिक गाइडलाइंस पर करें भरोसा: डीएम
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जिलाधिकारी का संदेश: रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने भी केदारनाथ आ रहे श्रद्धालुओं से संयम बरतने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों (येलो/ऑरेंज अलर्ट) का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया है।
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आधिकारिक सूचनाएं ही सही: जिलाधिकारी ने यात्रियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर चल रही किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। केवल जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन और सूचनाओं पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही बारिश से पर्वतीय रास्तों पर खतरा बढ़ा हुआ है, इसलिए फिलहाल अनावश्यक यात्राओं से बचना ही सबसे समझदारी भरा और सुरक्षित विकल्प है।
रुद्रप्रयाग: जिला प्रशासन ने एक बार फिर साफ किया है कि बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जब तक केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह से चलने लायक और सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक यह अस्थाई प्रतिबंध सख्ती से लागू रहेगा। प्रशासन ने सभी यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और स्थानीय पुलिस व प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पूर्ण सहयोग करने की अपील की है।
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