देहरादून:भानियावाला-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सातमोड़ क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई का मामला अब गरमाता जा रहा है। इस संवेदनशील विषय को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीधा हस्तक्षेप करने की मांग की है। पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की पैरवी करते हुए कांग्रेस ने सरकार से अपील की है कि वह इस क्षेत्र में हो रहे पर्यावरण के नुकसान को गंभीरता से ले और विकास कार्यों के नाम पर की जा रही पेड़ों की कटाई के फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करे।

मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की गई स्वतंत्र समीक्षा और काम रोकने की मांग

रचनात्मक कांग्रेस के अध्यक्ष संदीप दीक्षित ने मुख्यमंत्री को एक औपचारिक पत्र भेजकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र समीक्षा कराने का पुरजोर अनुरोध किया है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जब तक इस परियोजना की पूरी समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक सातमोड़ क्षेत्र में वृक्षों के कटान पर पूरी तरह से रोक लगाई जानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस सड़क निर्माण से संबंधित जितनी भी पर्यावरणीय स्वीकृतियां ली गई हैं, उनकी शर्तें और नियमों के पालन की विस्तृत रिपोर्ट को सार्वजनिक पटल पर रखा जाए ताकि जनता के सामने सच आ सके।

पर्यावरण और जनहित में विशेषज्ञों व स्थानीय लोगों से खुले संवाद की अपील

कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया है कि इस गंभीर विषय पर किसी भी अंतिम निर्णय पर पहुंचने से पहले एक पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने सुझाव दिया है कि सरकार को स्थानीय नागरिकों, पर्यावरणविदों, वैज्ञानिकों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ एक खुली बैठक या संवाद का आयोजन करना चाहिए। इस खुले संवाद के माध्यम से सभी पक्षों की चिंताओं को सुना जाए और पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचाए बिना विकास कार्य को आगे बढ़ाने के लिए एक सर्वमान्य समाधान निकाला जाए।

पेड़ काटने के विरोध में उपजा भारी जनाक्रोश और गिरफ्तारियां

इस परियोजना के तहत हो रहे वृक्षों के कटान को लेकर क्षेत्र में आम जनता और विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर उपजे इस जनाक्रोश के तहत उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों और काम कर रही मशीनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। इस हंगामे और विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए माहौल को शांत कराया और कानून-व्यवस्था के उल्लंघन के आरोप में 13 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है।