शस्त्र लाइसेंस पर बड़ा एक्शन, उत्तराखंड से पंजाब तक जांच का दायरा बढ़ा
रुद्रपुर: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में वैध हथियारों के लाइसेंस की आड़ में चल रहे एक बहुत बड़े संदिग्ध खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जिले में जारी हुए शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े संदिग्ध मामलों की जांच की आंच अब पड़ोसी राज्य पंजाब तक पहुंच गई है। सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं, जिसके तार अंतर-राज्यीय गिरोहों से जुड़े होने की आशंका है।
'मिनी पंजाब' के नाम से मशहूर है यह इलाका, बाहरी राज्यों के संदिग्ध कनेक्शन पर नजर
भौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से ऊधम सिंह नगर जिले को अक्सर “मिनी पंजाब” के तौर पर जाना जाता है। इस क्षेत्र में पंजाब, हरियाणा और अन्य सीमावर्ती राज्यों के नागरिकों की भारी तादाद है और लोगों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। इसी घनिष्ठ भौगोलिक संबंध का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व इस क्षेत्र को अवैध गतिविधियों का केंद्र बनाने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि उत्तराखंड पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां बाहरी राज्यों से जुड़े लाइसेंसी असलहों के इस पूरे सिंडिकेट की एक-एक कड़ी को आपस में जोड़ने के लिए दिन-रात एक कर रही हैं।
खुफिया इनपुट से हड़कंप: पहाड़ पर बने लाइसेंस के हथियार मैदानों में खपाए जाने का शक
जांच एजेंसियों के हाथ कुछ ऐसे बेहद पुख्ता और चौंकाने वाले खुफिया इनपुट लगे हैं, जिन्होंने सुरक्षा महकमे की नींद उड़ा दी है। आशंका जताई जा रही है कि उत्तराखंड के पते पर जालसाजी करके या मिलीभगत से जो वैध शस्त्र लाइसेंस जारी करवाए गए थे, उनके आधार पर फैक्ट्रियों से खरीदे गए आधुनिक हथियार चुपचाप दूसरे राज्यों के गैंगस्टर्स और आपराधिक तत्वों तक पहुंचाए गए हैं। इस इनपुट के सामने आने के बाद जांच का दायरा काफी बड़ा कर दिया गया है। एजेंसियां अब हथियार डीलरों की सेल बुक, लाइसेंस जारी करने की पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया और इस पूरे खेल के पीछे सक्रिय मास्टरमाइंड व बिचौलियों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
फर्जी पतों और जाली दस्तावेजों के सत्यापन की भी शुरू हुई री-चेकिंग
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग अब पिछले कुछ वर्षों में जारी हुए सभी शस्त्र लाइसेंसों की फाइलों को दोबारा खोल रहा है। संदेह है कि पंजाब के कई आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों ने यहाँ के स्थानीय पतों का दुरुपयोग करके बंदूक और पिस्टल के लाइसेंस हासिल किए हैं। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जो भी शस्त्र डीलर, प्रशासनिक कर्मचारी या बिचौलिया दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्म्स एक्ट के तहत बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पंजाब पुलिस के साथ मिलकर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
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