मंगलौर हत्याकांड में बड़ा खुलासा, अपनों ने ही उतारा था सौरभ को मौत के घाट
मंगलौर (रुड़की)। उत्तराखंड के रुड़की अंतर्गत मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मदपुर जट गांव के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस की गहन तफ्तीश में जो सच सामने आया है, उसने हर किसी को चौंका दिया है क्योंकि सौरभ की हत्या करने वाले कोई और नहीं बल्कि उसके अपने ही जिगरी दोस्त निकले हैं।
दुश्मनों को फंसाने के लिए रची गई थी बड़ी साजिश
पुलिस की गिरफ्त में आए तीनों हत्यारोपियों ने अपने विरोधियों को कानूनी शिकंजे में कसने के लिए बेहद शातिराना योजना बनाई थी। उन्होंने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से एक पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी कहानी सुनाई थी। दरअसल, जिन लोगों को इस मामले में नामजद किया गया था, उनके साथ मृतक पक्ष का पुराना जमीनी या व्यक्तिगत विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया और शक की सुई विरोधियों की तरफ मोड़ने की कोशिश की।
खेत में हुई वारदात के बाद अस्पताल में तोड़ा दम
पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए बताया कि यह खूनी खेल बीते ११ जुलाई की शाम को बुढ़पुर जट गांव के पास एक सुनसान खेत में खेला गया था। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची थी और लहूलुहान हालत में सौरभ को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि, जख्म इतने गहरे थे कि डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान सौरभ ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
अपनों की शिकायत और पुलिस का बढ़ता हुआ शक
वारदात के तुरंत बाद पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर पुलिस ने रोबिन, अनुज और प्रद्युमन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर अपनी कार्रवाई शुरू की थी। लेकिन जैसे ही पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और घटनास्थल की जांच को आगे बढ़ाया, कहानी में कई झोल नजर आने लगे। इसके बाद पुलिस ने मृतक के दोस्तों सुमित (निवासी शकरपुर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश), डिंपल और आशीष (निवासी मोहम्मदपुर जट) को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद पूरी साजिश बेनकाब हो गई।
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