चार दिन तक बंद रहेगा डोबा-चौसली मार्ग, मलबा हटाने में जुटा प्रशासन
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से मैदानी इलाकों को जोड़ने वाले मुख्य अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्वारब के पास बने खतरनाक डेंजर जोन के कारण यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
चार दिनों के लिए वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह बंद
यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा शुरू किए गए क्वारब डोबा-चौसली वैकल्पिक मार्ग पर अब संकट मंडराने लगा है। यह मार्ग भी भारी भूस्खलन की चपेट में आ चुका है, जिसके चलते सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुधवार 15 जुलाई से 18 जुलाई तक, यानी कुल चार दिनों के लिए इस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस समय अवधि के दौरान केवल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर क्वारब के रास्ते ही वाहनों का संचालन किया जा सकेगा।
बारिश के बाद दरकी पहाड़ियां, आवाजाही ठप
गौरतलब है कि क्वारब डेंजर जोन में लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण बीते महीने एनएच पर वाहनों की आवाजाही को रोकना पड़ा था। इसके बाद प्रशासन ने पहाड़ से मैदान और मैदान से पहाड़ की तरफ जाने वाले यात्रियों को डोबा-चौसली वैकल्पिक मार्ग पर डायवर्ट किया था। लेकिन हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के चलते इस नए मार्ग पर भी कई जगहों से पहाड़ियां दरकने लगी हैं। जगह-जगह भारी मलबा आने की वजह से दिन में कई-कई बार ट्रैफिक जाम लग रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मार्ग से मलबा हटाने और मरम्मत का कार्य शुरू
यातायात को दोबारा सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए इन चार दिनों के भीतर भूस्खलन से प्रभावित हिस्सों में युद्धस्तर पर सुधार कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क पर जमा भारी मलबे को हटाने के लिए मशीनों को तैनात किया गया है। दूसरी तरफ, जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने राहत की खबर देते हुए बताया कि अल्मोड़ा-क्वारब राष्ट्रीय राजमार्ग-109 बुधवार से 18 जुलाई तक हल्के वाहनों और यात्री बसों सहित सभी तरह के वाहनों के आवागमन के लिए खुला रहेगा, क्योंकि क्वारब के पास मोटर मार्ग की चौड़ाई को बढ़ाकर अब सात मीटर कर दिया गया है।
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और आपातकालीन छूट
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि इस प्रतिबंध के दौरान नियमों की अनदेखी करने वालों या आदेशों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हालांकि, आम जनता की सहूलियत और आपातकालीन स्थितियों को देखते हुए एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य बेहद जरूरी सरकारी व आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रखा गया है, ताकि किसी भी मरीज या आपात स्थिति में लोगों को कोई परेशानी न झेलनी पड़े।
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