गोपेश्वर: बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान हुई वित्तीय हेराफेरी के मुख्य आरोपी और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को चमोली पुलिस ने आखिरकार हिरासत में ले लिया है। इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) टीम के प्रभारी और डीएसपी मदन सिंह बिष्ट ने आरोपी से पूछताछ शुरू होने की पुष्टि की है। इस समय पूरे घोटाले की परतें खोलने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तीन अलग-अलग टीमें जांच में जुटी हुई हैं, जिसमें मंदिर समिति की विभागीय जांच, पुलिस की एसआईटी जांच और गढ़वाल कमिश्नर के नेतृत्व में चल रही व्यवस्थागत जांच शामिल है।

जांच के दायरे में कर्मचारी और सीसीटीवी डेटा की बड़ी चुनौती

प्रकरण की गहराई से तफ्तीश कर रही एसआईटी ने मंदिर समिति के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को तलब कर उनके बयान दर्ज किए हैं। जांच के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि बद्रीनाथ धाम में केवल पिछले डेढ़ महीने का ही सीसीटीवी फुटेज (रिकॉर्ड) उपलब्ध है। ऐसे में पिछले लंबे समय से चल रही संभावित हेराफेरी के पुख्ता सबूत जुटाने के लिए पुलिस और तकनीकी टीम के सामने डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) को पूरी तरह रिकवर करने की एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस, परिजनों ने दर्ज कराई तहरीर

इस कार्रवाई के बीच देहरादून में एक नया मोड़ देखने को मिला, जब चमोली पुलिस के कुछ जवान सादे कपड़ों में प्रमोद नौटियाल के नेहरू कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचे और उन्हें अपने साथ ले गए। पुलिसकर्मियों ने परिजनों को आश्वस्त किया था कि शुरुआती पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा। हालांकि, काफी समय बीत जाने के बाद भी जब नौटियाल अपने घर नहीं लौटे, तो उनके चिंतित परिजनों ने देहरादून की नेहरू कॉलोनी स्थित बायपास पुलिस चौकी में जाकर इस संबंध में एक लिखित तहरीर दी है।