उत्तराखंड में SIR अभियान को रफ्तार, दूरस्थ क्षेत्रों में भी होगी आसान पहुंच
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य के शीर्ष निर्वाचन अधिकारी ने प्रशासनिक अमले को मुस्तैद रहने और आम जनता की सहूलियत का विशेष ध्यान रखने के निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की हाई-लेवल बैठक
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक में कुमाऊं और गढ़वाल दोनों संभागों के मंडलायुक्तों सहित प्रदेश के सभी जनपदों के जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूचियों के नवीनीकरण और उससे जुड़े विशेष अभियानों की प्रगति का बारीकी से आकलन करना था ताकि आगामी समय में एक त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार की जा सके।
मतदाता सूची के प्रकाशन और आपत्तियों के निस्तारण पर विशेष जोर
समीक्षा के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 'विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान' के वर्तमान स्टेटस का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त लहजे में हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के प्रारंभिक प्रारूप के प्रकाशन से लेकर नोटिस जारी करने और जनता से प्राप्त होने वाले दावों व आपत्तियों के निपटारे के हर चरण में पूरी संवेदनशीलता बरती जाए। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी आम नागरिक या मतदाता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।
पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों को देखते हुए दिए अतिरिक्त निर्देश
उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और खासकर पहाड़ी अंचलों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बैठक में विशेष रणनीति पर चर्चा की गई। निर्वाचन अधिकारी ने रेखांकित किया कि मानसून की अवधि में पर्वतीय जनपदों में भूस्खलन और भारी बारिश के कारण अक्सर संपर्क मार्ग टूट जाते हैं, जिससे ग्रामीणों का जिला या ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचना अत्यंत कठिन हो जाता है। इस प्राकृतिक बाधा को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नोटिसों के जवाब देने और आपत्तियों की व्यक्तिगत सुनवाई के लिए सुदूर क्षेत्रों में पहले से ही विशेष एवं वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
पारदर्शी और सुगम मतदान प्रक्रिया के लिए प्रशासनिक अमला मुस्तैद
निर्वाचन विभाग का मुख्य फोकस इस बात पर है कि राज्य के हर योग्य नागरिक का नाम बिना किसी बाधा के मतदाता सूची में शामिल किया जा सके। इसके लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और सुदूर क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाने की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने और संवेदनशील बूथों की व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करने को कहा गया है ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और सुगम तरीके से संपन्न हो सके।
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