'अब और इंतजार नहीं', जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य बनाने की मांग पर प्रस्ताव पास
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की सिविल सोसायटी के 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने मंगलवार को एक सुर में केंद्र सरकार से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को अविलंब पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में प्रतिनिधियों द्वारा सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किया गया है।
सिविल सोसायटी ने एकजुट होकर पारित किया प्रस्ताव
श्रीनगर में आयोजित इस विशेष बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों, बुद्धिजीवियों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर के वर्तमान राजनीतिक व प्रशासनिक हालातों पर विस्तृत चर्चा हुई। सभी प्रतिनिधियों ने एक मत से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि क्षेत्र में लोकतांत्रिक व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत करने और जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अब बिना किसी देरी के पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिया जाना चाहिए।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए राज्य का दर्जा जरूरी
प्रस्ताव में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल होने से न केवल स्थानीय शासन में सुधार होगा, बल्कि यहां के नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत होगी। प्रतिनिधियों का कहना है कि विधानसभा चुनावों के बाद अब अगला तार्किक कदम जम्मू-कश्मीर को उसका पुराना संवैधानिक स्वरूप लौटाना ही है, ताकि विकास कार्यों को और गति मिल सके।
शताब्दीपुरम में झुग्गी हटाने की कार्रवाई बनी विवाद की वजह, विरोध के बीच पुलिस अलर्ट
हादसे में सिर में घुसी कैंची, डॉक्टरों की मेहनत से सुरक्षित बचा बच्चा
ऑटोइम्यून बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है आंखों और मुंह की ड्राइनेस, जानें बचाव के तरीके
प्रकृति का अनमोल खजाना है नागालैंड, मानसून में इन 5 जगहों का नजारा नहीं भूलेंगे
संसद में सियासी टकराव तेज, राज्यसभा की कार्यवाही रुकी और लोकसभा में हंगामा