हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार और उसके आसपास के क्षेत्रों में बुधवार देर रात से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही झमाझम वर्षा के कारण शहर के तमाम निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों पर पानी जमा होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ तीर्थयात्रियों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रमुख चौराहों पर घुटनों तक भरा पानी

लगातार हुई तेज बारिश के चलते मध्य हरिद्वार के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार श्री चंद्राचार्य चौक और भगत सिंह चौक पर स्थिति काफी बिगड़ गई है। रेलवे पुलिया के नीचे घुटनों तक पानी जमा हो जाने के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। जलभराव के बीच से होकर गुजरने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, जिससे कई जगहों पर जाम की स्थिति भी देखने को मिल रही है।

भीमगोड़ा बैराज पर गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी

हरिद्वार में पिछले 24 घंटों के दौरान रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण नदी-नाले उफान पर हैं। भीमगोड़ा बैराज पर सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर बढ़कर 291.10 मीटर तक पहुंच गया है। हालांकि, यह वर्तमान में चेतावनी स्तर 293.00 मीटर और खतरे के निशान 294.00 मीटर से काफी नीचे है, फिर भी जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और गंगा घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं से पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।

रुड़की में बाढ़ जैसे हालात, घरों में घुसा पानी

हर साल जलभराव की मार झेलने वाले रुड़की शहर में मानसून की शुरुआती बारिश ने ही नगर निगम के दावों की पोल खोल कर रख दी है। इस जबरदस्त जलभराव के कारण क्षेत्र की करीब डेढ़ से दो लाख की आबादी अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गई है। शहर के कई रिहायशी इलाकों में लोगों के घरों के भीतर दो से तीन फीट तक पानी भर गया है, जिससे घरेलू सामान को भारी नुकसान पहुंचा है और दैनिक दिनचर्या पूरी तरह ठप हो गई है।

राहत और बचाव कार्य में जुटा प्रशासन

जलभराव और भारी बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें सक्रिय हो गई हैं। प्रभावित इलाकों से पानी की निकासी के लिए पंपों का सहारा लिया जा रहा है ताकि सड़कों और गलियों में जमा पानी को जल्द से जल्द निकाला जा सके। मौसम विभाग के अनुमान को देखते हुए अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।