गोपेश्वर। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध और चारधामों में से एक पवित्र श्री बदरीनाथ धाम से आस्था को ठेस पहुंचाने वाला एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह और दानपात्र में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान-चढ़ावे (कैश) की हेराफेरी और चोरी के मामले में चल रही विभागीय जांच में कई ऐसे चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं, जिसने मंदिर प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह साफ हो गया है कि इस पूरे गबन को अंजाम देने के लिए सोची-समझी साजिश के तहत मंदिर समिति के नियमों को ताक पर रखा गया था।

नोटों की गिनती से गायब किए गए तीन अनिवार्य कार्मिक, नियमों की उड़ी धज्जियां

विभागीय जांच रिपोर्ट से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बीते 2 जुलाई को बदरीनाथ धाम के भीतर मंदिर समिति के नियमानुसार श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे के नोटों की गिनती (काउंटिंग) की जा रही थी। तय सरकारी नियमों और मंदिर समिति के बायलॉज के अनुसार, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस गिनती के दौरान तीन विशिष्ट और अधिकृत कार्मिकों (अधिकारियों) का मौके पर मौजूद रहना अनिवार्य रूप से तय किया गया है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि 2 जुलाई को हुई इस काउंटिंग प्रक्रिया से इन तीनों ही अनिवार्य कार्मिकों को सोची-समझी रणनीति के तहत पूरी तरह से बाहर रखा गया और उन्हें गिनती स्थल पर फटकने तक नहीं दिया गया।

सीसीटीवी कैमरे ने खोली पोल: मोबाइल के नीचे नोटों के बंडल छिपाते रंगे हाथों कैद हुए वैयक्तिक सहायक

तीनों जिम्मेदार कार्मिकों की अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए मंदिर समिति के तत्कालीन वैयक्तिक सहायक (पर्सनल असिस्टेंट) प्रमोद नौटियाल अकेले ही उस संवेदनशील स्थान पर मौजूद थे, जहां नोटों की गिनती चल रही थी। अकेले पाकर उन्होंने खजाने से नोटों की गड्डियां पार करना शुरू कर दिया। हालांकि, वे भूल गए कि तीसरी आंख यानी सीसीटीवी (CCTV) कैमरा उन पर लगातार नजर रखे हुए था।

सीसीटीवी फुटेज की जब बारीकी से जांच की गई, तो उसमें आरोपी प्रमोद नौटियाल बेहद शातिर तरीके से अपने मोबाइल फोन के नीचे नोटों के बंडल को छिपाकर चुपचाप कमरे से बाहर ले जाते हुए साफ तौर पर कैद पाए गए। फुटेज में उनकी यह संदिग्ध और शर्मनाक हरकत रंगे हाथों उजागर होने के बाद मंदिर समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों के होश उड़ गए।

मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल निलंबित; बाकी तीन अधिकारियों को थमाया कारण बताओ नोटिस

इस महाघोटाले और चोरी का भंडाफोड़ होने के तुरंत बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के शीर्ष प्रबंधन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज को पुख्ता साक्ष्य मानते हुए मुख्य आरोपी वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से सरकारी सेवा से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है और उनके खिलाफ पुलिस में विभागीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

इसके साथ ही, लापरवाही बरतने और मौके पर मुस्तैद न रहने के आरोप में उन तीनों अनिवार्य कार्मिकों को भी मंदिर समिति द्वारा कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया गया है। समिति ने उनसे कड़े शब्दों में जवाब मांगा है कि जब उनके सामने इतनी बड़ी काउंटिंग हो रही थी, तो वे नियम विरुद्ध तरीके से वहां से क्यों गायब थे और उन्होंने अपनी अनुपस्थिति की सूचना उच्च अधिकारियों को क्यों नहीं दी। इस कार्रवाई के बाद से बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर समिति के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की है।