रुद्रपुर। उत्तराखंड के रुद्रपुर शहर में हुई मूसलाधार बारिश ने स्थानीय प्रशासनिक दावों और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। तेज बरसात के चलते पूरा व्यावसायिक क्षेत्र जलमग्न हो गया और कई दुकानों के भीतर पानी भर जाने से स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। सड़कों पर हुए अत्यधिक जलभराव के कारण न केवल व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठान बंद रखने पड़े, बल्कि राहगीरों और आम जनता को भी आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मुख्य रास्तों पर घुटनों तक भरा पानी

मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के बाद शहर के ह्रदय स्थल माने जाने वाले मुख्य बाजार, गांधी पार्क मार्ग और अग्रसेन चौक सहित कई रिहायशी इलाकों में स्थिति बदतर हो गई और सड़कें घुटनों तक पानी में डूब गईं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मानसून के दौरान हर वर्ष उन्हें इसी तरह की नारकीय स्थिति से दो-चार होना पड़ता है। नगर निगम प्रशासन द्वारा समय रहते नालों की सफाई और ड्रेनेज सिस्टम के सुदृढ़ीकरण के उचित इंतजाम न किए जाने से लोगों में भारी आक्रोश है।

सड़कें बनीं तालाब और थमे वाहनों के पहिए

इस मूसलाधार बारिश के बाद शहर के प्रमुख मार्ग तालाब की शक्ल में तब्दील हो गए, जिससे पैदल चलने वाले लोगों और दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों की मुश्किलें बेहद बढ़ गईं। जलभराव के चलते कई गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद होकर फंस गईं, जिन्हें धक्का मारकर बाहर निकालना पड़ा। दोपहर के समय स्कूल से घर लौट रहे मासूम बच्चों को भी जलमग्न रास्तों के कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ी और शहर के कई हिस्सों में घंटों तक यातायात पूरी तरह रेंगता नजर आया।

कारोबार ठप होने से व्यापारियों में आक्रोश

जलभराव की इस गंभीर समस्या के कारण बाजार का संपर्क बाहरी क्षेत्रों से कट गया और ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच सके, जिसका सीधा असर दुकानदारों की दैनिक बिक्री और कारोबार पर पड़ा है। पीड़ित व्यापारियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम प्रबंधन से गुहार लगाते हुए इस समस्या का स्थाई और त्वरित समाधान निकालने की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि ड्रेनेज सिस्टम को जल्द ठीक नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।