गोपेश्वर (चमोली) । बदरीनाथ धाम के स्थानीय विधायक लखपत बुटोला ने मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित धांधली के खिलाफ मंगलवार को मंदिर प्रांगण में अपने समर्थकों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक उपवास शुरू कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने इस आंदोलन की रूपरेखा एक दिन पहले ही तैयार कर ली थी। प्रदर्शन के दौरान विधायक ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग उठाई, जबकि कार्यकर्ताओं ने परिसर में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया।

चालीस दिनों के डिजिटल साक्ष्यों से खुलेगा राज

बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले दान की राशि में हेराफेरी का मामला अब पिछले 40 दिनों की सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल तक पहुंच गया है। तफ्तीश में जुटी एजेंसियां गहराई से इस बात का पता लगा रही हैं कि दो जुलाई को पकड़ा गया वाकया महज एक इत्तेफाक था या फिर चढ़ावे की गिनती के वक्त लंबे समय से यह खेल चल रहा था। इसके अलावा इस बिंदु पर भी गौर किया जा रहा है कि इस गड़बड़ी में चिन्हित कर्मचारी अकेला ही संलिप्त था या उसे प्रबंधन के किसी अन्य व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त था।

प्रोटोकॉल अधिकारी की भूमिका और प्रबंधन पर सवाल

जांच के घेरे में आए आरोपी अधिकारी को वर्ष 2003 में इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के तौर पर अस्थाई नियुक्ति मिली थी, जिसे बाद में स्थाई कर दिया गया। साल 2026 में उसे पहली बार बदरीनाथ मंदिर में थाली भेंट गणना तथा प्रोटोकॉल नोडल अधिकारी जैसी दो बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं, जिसके तुरंत बाद यह धांधली उजागर हुई। दूसरी तरफ, छह सदस्यीय दान गणना समिति के प्रभारी और उप-नोडल अधिकारी 30 जून को सेवानिवृत्त हो चुके थे, लेकिन उनकी जगह किसी नए जिम्मेदार की नियुक्ति न होने से दो जुलाई की गणना में आरोपी की भूमिका सबसे अहम हो गई थी।

सीसीटीवी कैमरों की पैनी नजर में दान रिकॉर्ड की हकीकत

मंदिर प्रशासन के नियमों के मुताबिक, दान में मिले सोने-चांदी को जौहरी से कशवाकर और नकदी को बैंक कर्मियों को सौंपकर बकायदा रसीद ली जाती है, जिसका पूरा रिकॉर्ड पोटलियों पर दर्ज होता है। इस पारदर्शी व्यवस्था के बीच मंदिर परिसर में लगे कुल 32 हाई-रेजोल्यूशन कैमरों में से एक फुटेज में आरोपी कर्मचारी मोबाइल के साथ कुछ संदिग्ध सामान छिपाते हुए कैमरे में कैद हुआ है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने स्पष्ट किया है कि यदि फुटेज की सघन जांच में किसी भी अन्य दिन की अनियमितता पाई गई, तो संबंधितों पर कड़ी विधिक कार्रवाई होगी।