नई ड्रेस लागू होते ही भड़कीं छात्राएं, कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी
जबलपुर। संस्कारधानी के प्रतिष्ठित होम साइंस कॉलेज की सैकड़ों छात्राओं ने सोमवार को कॉलेज प्रबंधन के एक तुगलकी फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नए शैक्षणिक सत्र से नई यूनिफॉर्म अनिवार्य किए जाने के विरोध में छात्राएं बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आईं। आक्रोशित छात्राओं ने कॉलेज परिसर से मार्च निकालते हुए शहर के सबसे व्यस्त शास्त्री ब्रिज चौराहे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ का आरोप
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का साफ कहना है कि उनकी पुरानी यूनिफॉर्म अभी पूरी तरह से अच्छी स्थिति में है, इसलिए उसे बदलने का कोई औचित्य नहीं है। बीए द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा हर साल नई यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। कॉलेज में पढ़ने वाली अधिकांश छात्राएं मध्यमवर्गीय या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं, जिनके माता-पिता मजदूरी या छोटी-मोटी निजी नौकरियां करते हैं। ऐसे में हर साल महंगी यूनिफॉर्म खरीदना उनके बजट से बाहर है।
'जब पुरानी यूनिफॉर्म ठीक है, तो नया खर्च क्यों?'
छात्राओं ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि पिछले साल प्रथम वर्ष में प्रवेश के समय उन्होंने कॉलेज के निर्देश पर ही दो जोड़ी यूनिफॉर्म सिलवाई थी। अब दूसरे वर्ष में आते ही प्रबंधन ने दोबारा नए रंग-रूप की यूनिफॉर्म थोप दी है। छात्राओं ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक कॉलेज प्रशासन इस फैसले को वापस नहीं लेता, तब तक कोई भी छात्रा नई यूनिफॉर्म नहीं खरीदेगी। इस चक्काजाम के कारण शास्त्री ब्रिज चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब एक घंटे तक यातायात ठप रहा।
प्रबंधन और उच्च शिक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची
हंगामे की खबर मिलते ही मदनमहल, गढ़ा और ओमती थाने की पुलिस बल के साथ उच्च शिक्षा विभाग और कॉलेज प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक अल्केश चतुर्वेदी ने छात्राओं को शांत कराने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि छात्राएं मुख्य रूप से नए 'लाइट येलो' (हल्के पीले) रंग की यूनिफॉर्म का विरोध कर रही हैं। इस मामले में कॉलेज की प्राचार्य से बात की जा रही है ताकि कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके।
यूनिफॉर्म को 'वैकल्पिक' बनाने पर विचार, पुलिस कर सकती है कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि विवाद को सुलझाने के लिए नई यूनिफॉर्म के नियम को अनिवार्य करने के बजाय 'वैकल्पिक' (ऐच्छिक) किया जा सकता है, यानी जो छात्राएं सक्षम हैं केवल वही इसे खरीदें। दूसरी ओर, सीएसपी एम.डी. नगोतिया ने बताया कि फिलहाल छात्राओं और प्रबंधन के बीच बातचीत के जरिए रास्ता निकाला जा रहा है। हालांकि, व्यस्त सार्वजनिक चौराहे पर बिना अनुमति के चक्काजाम करने और आम जनता को परेशान करने के मामले में पुलिस नियमानुसार कानूनी कार्रवाई पर भी विचार कर रही है।
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