रुद्रपुर में नाबालिग से जुड़े मामले में किशोर पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
रुद्रपुर: उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के अंतर्गत आने वाले ट्रांजिट कैंप कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद गंभीर, संवेदनशील और कानूनी रूप से पेचीदा मामला सामने आया है। यहाँ एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोर पर अपनी ही पड़ोस में रहने वाली एक 13 वर्षीय मासूम नाबालिग किशोरी को अपने प्रेम जाल में फंसाने और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने का अत्यंत गंभीर आरोप लगा है। इस अवांछित शारीरिक संबंध के कारण मासूम किशोरी गर्भवती (प्रेग्नेंट) हो गई है।
जैसे ही इस बात की भनक किशोरी के परिजनों को लगी, पूरे परिवार में हड़कंप मच गया और वे बदहवास हालत में तुरंत स्थानीय थाने पहुंचे। मामले की गंभीरता और दोनों पक्षों के नाबालिग होने के कारण पुलिस ने बिना किसी देरी के तत्काल पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपी किशोर को हिरासत में लेकर बाल संरक्षण गृह (सुधार गृह) भेज दिया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस सामाजिक पतन पर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में खुला खौफनाक राज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रांजिट कैंप कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक पीड़ित महिला ने रोते हुए पुलिस को अपनी लिखित तहरीर सौंपी। महिला ने बताया कि उसकी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी स्थानीय स्कूल में पढ़ाई करती है। कुछ महीने पहले, उनके ही मोहल्ले में रहने वाले एक 15 वर्षीय किशोर ने उसकी मासूम बेटी को बहला-फुसलाकर और डरा-धमकाकर अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था। इसके बाद आरोपी किशोर ने किशोरी की नासमझी और सीधेपन का फायदा उठाते हुए उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध स्थापित कर लिए।
महिला ने अपनी शिकायत में आगे बताया कि पिछले कुछ दिनों से उसकी बेटी की तबीयत लगातार खराब चल रही थी। वह अक्सर पेट में तेज दर्द, कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत कर रही थी। शुरू में परिजनों ने इसे सामान्य बीमारी समझा और स्थानीय स्तर पर दवाई दिलाई। लेकिन जब किशोरी की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और उसका शरीर अस्वभाविक रूप से बदलने लगा, तो चिंतित माता-पिता उसे विस्तृत जांच के लिए जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने जब किशोरी के कुछ जरूरी मेडिकल टेस्ट और अल्ट्रासाउंड किया, तो जो रिपोर्ट सामने आई उसने परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक दी। डॉक्टरों ने खुलासा किया कि 13 साल की वह मासूम बच्ची कई महीनों की गर्भवती है।
रोते हुए मां को बताई आपबीती, पुलिस ने पोक्सो एक्ट में की कार्रवाई
अस्पताल से घर लौटने के बाद जब बदहवास और आक्रोशित मां ने अपनी बेटी को दुलारते हुए कड़ाई से पूछताछ की, तो पीड़ित किशोरी फूट-फूटकर रो पड़ी। उसने रोते हुए अपनी मां को बताया कि कैसे पड़ोस के रहने वाले उस 15 वर्षीय किशोर ने उसे डराया था और उसके साथ यह गलत काम किया था। बेटी की दर्दभरी दास्तां सुनने के बाद मां तुरंत परिजनों के साथ ट्रांजिट कैंप कोतवाली पहुंची और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की गुहार लगाई।
ट्रांजिट कैंप कोतवाली पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता, पीड़िता की बेहद कम उम्र और सुप्रीम कोर्ट के कड़े दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए तुरंत एक्शन लिया। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी किशोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत प्राथमिकी (FIR) पंजीकृत कर ली है।
आरोपी किशोर को लिया गया संरक्षण में, आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू
मामला दर्ज करने के महज कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस की एक विशेष टीम ने दबिश देकर आरोपी 15 वर्षीय किशोर को उसके घर से अपनी कस्टडी (संरक्षण) में ले लिया। चूंकि आरोपी कानूनन एक बाल अपचारी (नाबालिग) है, इसलिए पुलिस ने उसे सीधे जेल भेजने के बजाय किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के समक्ष पेश किया, जहां से उसे बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित किशोरी को महिला पुलिसकर्मियों की देखरेख में चिकित्सीय परीक्षण और मेडिकल बोर्ड के समक्ष बयान दर्ज कराने के लिए भेजा गया है। साथ ही कोर्ट में धारा 164 के तहत पीड़िता के बयान दर्ज कराए जाएंगे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले में बेहद संवेदनशीलता और तत्परता से जांच कर रहे हैं ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
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