टनकपुर। सीमांत क्षेत्र टनकपुर से इस वर्ष की सुप्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा आगामी पांच जुलाई से विधिवत रूप से प्रारंभ होने जा रही है। इस पावन यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का पहला जत्था चार जुलाई की शाम को ही स्थानीय टीआरसी गेस्ट हाउस में डेरा डाल देगा। यात्रा के सफल संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कुमाऊं मंडल के आयुक्त सह मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत की अगुवाई में हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में यात्रा से जुड़े सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिखाएंगे हरी झंडी

प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बार की यात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पांच जुलाई को टनकपुर के टीआरसी परिसर में आयोजित होने वाले एक विशेष समारोह में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री स्वयं अपने हाथों से देश के विभिन्न कोनों से आए श्रद्धालुओं के इस प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर लिपुलेख और गुंजी के दुर्गम रास्तों के लिए रवाना करेंगे। इस उद्घाटन समारोह को लेकर स्थानीय स्तर पर भी लोगों और व्यापारियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

सुगम और सुरक्षित यात्रा के लिए कड़े निर्देश

उच्च स्तरीय बैठक के दौरान कुमाऊं आयुक्त ने सभी सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन को यह कड़ा निर्देश दिया है कि संपूर्ण यात्रा मार्ग को पूरी तरह से सुगम, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जाए। पहाड़ी रास्तों पर मौसम के मिजाज को देखते हुए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में पहले से ही भारी मशीनें तैनात करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, पेयजल और आकस्मिक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर और आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि किसी भी यात्री को मार्ग में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

दस चरणों में पूरी होगी श्रद्धालुओं की यह पावन यात्रा

टीआरसी प्रबंधन की ओर से साझा की गई तकनीकी जानकारियों के मुताबिक, इस वर्ष की संपूर्ण कैलाश मानसरोवर यात्रा को कुल 10 अलग-अलग जत्थों (दलों) में विभाजित किया गया है। ये सभी दल एक-एक कर क्रमानुसार टनकपुर बेस कैंप से आगे की यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रत्येक दल की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष गाइड और चिकित्सा दलों को भी साथ भेजा जाएगा। प्रशासन का कहना है कि वे इस बार रिकॉर्ड संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार हैं और यात्रा को निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए हर स्तर पर पैनी नजर रखी जा रही है।