हरिद्वार: चलती ट्रेन में खिड़की का शीशा खोलने और बंद करने जैसी मामूली बात को लेकर यात्रियों के दो गुटों में हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले, जिसमें दो यात्रियों के सिर फट गए और वे लहूलुहान हो गए। यह घटना बीते 25 जून की बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित यात्री ने अब हरिद्वार पहुंचकर रेलवे पुलिस (जीआरपी) थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।

मामूली बात पर शुरू हुआ गाली-गलौज और विवाद

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के गांधी नगर निवासी टिंकू जैन ने हरिद्वार जीआरपी थाने में तहरीर देकर आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि वह बीते 25 जून को जनशताब्दी एक्सप्रेस के कोच संख्या डी-3 (D-3) में सवार होकर हरिद्वार से मेरठ की यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के हरिद्वार स्टेशन से रवाना होते ही सीट संख्या 49, 50, 61 और 66 पर बैठे कुछ सह-यात्री बार-बार खिड़की का शीशा ऊपर-नीचे कर रहे थे।

बीच-बचाव करने आए साथियों के सिर पर किया हमला

मारपीट का घटनाक्रम: जब टिंकू जैन ने बार-बार शीशा खोलने और बंद करने से मना किया, तो आरोपी भड़क गए और उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी। ट्रेन के भीतर शोर-शराबा और झगड़ा बढ़ता देख टिंकू के साथ यात्रा कर रहे उनके साथी प्रवीन जैन और संजीव जैन ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उग्र होकर तीनों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस मारपीट के दौरान प्रवीन जैन और संजीव जैन के सिर पर गंभीर चोटें आईं।

लोकलाज और डर के कारण घर लौटे, अब दर्ज कराया मुकदमा

हादसे के वक्त सहमे हुए पीड़ित यात्री किसी तरह मेरठ पहुंचे और वहां से अपने गृह जनपद फिरोजाबाद लौट गए। प्राथमिक उपचार के बाद, अब उन्होंने कानून का सहारा लेने का फैसला किया और रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दोबारा हरिद्वार जीआरपी थाने पहुंचे।

जीआरपी ने पीड़ित यात्रियों की शिकायत के आधार पर संबंधित सीटों पर यात्रा कर रहे अज्ञात और नामजद आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट और मारपीट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस चार्ट और टिकट बुकिंग विवरण के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त करने में जुट गई है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी का दावा कर रही है।