हल्द्वानी: नैनीताल जिले के लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हल्दूचौड़ बच्चीधर्मा गांव से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां रहने वाली 17 वर्षीय इंटरमीडिएट (12वीं) की छात्रा नेहा पांडे ने अज्ञात कारणों के चलते अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना उस समय हुई जब मृतका के पिता के निधन के बाद अकेले पूरे घर की जिम्मेदारी संभाल रही मां हंसी पांडे सब्जी लेने स्थानीय बाजार गई हुई थीं। घर में अकेला पाकर छात्रा ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

बाजार से लौटी मां की चीख सुन दौड़े पड़ोसी

शाम को जब मां बाजार से वापस लौटीं, तो कमरे के भीतर का खौफनाक मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटी के शव को कुंडे से लटकता देख वह बेसुध होकर चिल्लाने लगीं। मां की रोने-चीखने की आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी।

फैक्ट्री में मजदूरी कर मां चला रही थी परिवार

मृतका के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था। बेबस मां हंसी देवी यहां किराए के एक कमरे में रहकर स्थानीय फैक्ट्री में मजदूरी करती हैं। वह बेहद कम मजदूरी के दम पर अपनी बेटी नेहा और एक छोटे बेटे का पालन-पोषण कर रही थीं। इकलौती बेटी की इस तरह अचानक मौत के बाद मजदूरी कर घर चलाने वाली मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

मानसिक बीमारी का चल रहा था इलाज, जांच में जुटी पुलिस

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाल बृज मोहन राणा पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। फोरेंसिक टीम की गहन जांच के बाद ही शव को फंदे से उतारा गया। कोतवाल बृज मोहन राणा ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतका मानसिक रूप से कुछ अस्वस्थ थी और उसका दिल्ली के एक अस्पताल से इलाज चल रहा था। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हर एंगल से मामले की तफ्तीश कर रही है।