देहरादून: उत्तराखंड के सभी जनपदों में लगातार तीसरे दिन भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में सुरक्षा के लिहाज से अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका जताई गई है। बिगड़ते मौसम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बागेश्वर और चंपावत जिलों में कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई है।

मैदानी और पर्वतीय इलाकों में आकाशीय बिजली का खतरा

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के साथ-साथ पर्वतीय इलाकों में भी गरज-चमक के साथ तीव्र बौछारें पड़ने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने और अत्यधिक तीव्र गति से बारिश के दौर (इंटेंस स्पेल) आने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

उफान पर नदियां, 7 जुलाई तक राहत के आसार नहीं

लगातार हो रही बारिश का सीधा असर राज्य के जलस्तर पर दिखने लगा है। देहरादून की रिस्पना नदी लगातार दूसरे दिन पूरे वेग के साथ बह रही है, जबकि पिथौरागढ़ में काली नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। इसके साथ ही, गढ़वाल क्षेत्र की प्रमुख नदियों—मंदाकिनी और अलकनंदा—के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पूरे उत्तराखंड में मौसम का यही कड़ा मिजाज आगामी 7 जुलाई तक लगातार बना रह सकता है।