हल्द्वानी| उत्तराखंड के हल्द्वानी में डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराध का एक नया मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने एक युवक को अपने जाल में फंसाकर उसके बैंक खाते से एक लाख रुपये पार कर दिए। हालांकि, इस घटना में गनीमत यह रही कि पीड़ित ने बिना वक्त गंवाए तुरंत स्थानीय पुलिस और साइबर सेल को मामले की लिखित सूचना दे दी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते ठगी गई कुल रकम में से 50 हजार रुपये को बीच में ही फ्रीज (होल्ड) करा लिया गया, जिसे अब कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित को सकुशल वापस सौंप दिया गया है। शेष राशि को रिकवर करने के लिए पुलिस की टीमें जांच में जुटी हैं।

अज्ञात नंबर से आया फोन और खुद को बताया बैंक अधिकारी

विस्तृत जानकारी के मुताबिक, हल्द्वानी के टनकपुर रोड निवासी पीड़ित राजेश शर्मा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने बेहद पेशेवर अंदाज में बात करते हुए खुद को संबंधित बैंक का वरिष्ठ अधिकारी बताया। उसने राजेश को डराते हुए कहा कि यदि उन्होंने तुरंत अपने खाते का नो योर कस्टमर (केवाईसी) अपडेट नहीं कराया, तो उनका बैंक अकाउंट और एटीएम कार्ड हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा। बैंक बंद होने के डर से पीड़ित राजेश उसकी बातों में आ गया।

व्हाट्सएप पर भेजी एपीके (APK) फाइल और हैक कर लिया पूरा मोबाइल

जालसाज ने इसके बाद राजेश के व्हाट्सएप (WhatsApp) नंबर पर एक संदिग्ध एपीके (.apk) फाइल भेजी और उसे फोन में इंस्टॉल करने को कहा। जैसे ही राजेश ने उस फाइल को डाउनलोड करके ओपन किया, बैकएंड पर एक खतरनाक मैलवेयर एक्टिवेट हो गया। इसके जरिए साइबर अपराधियों ने राजेश के पूरे मोबाइल फोन का रिमोट एक्सेस (नियंत्रण) अपने हाथों में ले लिया। मोबाइल हैक होते ही ठगों ने राजेश के नेट बैंकिंग का पासवर्ड और ओटीपी (OTP) चुराकर उनके खाते से दो किस्तों में कुल एक लाख रुपये उड़ा लिए।

साइबर सेल की जनता से अपील: कभी न खोलें अनजान लिंक या फाइल

मामले की जांच कर रही हल्द्वानी साइबर सेल की टीम ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिस बैंक खाते में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी, उसकी कड़ियों को खंगाला जा रहा है। पुलिस ने आम जनता के लिए अलर्ट जारी करते हुए एक बार फिर अपील की है कि बैंक कभी भी फोन पर केवाईसी अपडेट करने या कोई मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहता। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में कोई फाइल डाउनलोड न करें और न ही कोई ओटीपी शेयर करें, सजगता ही साइबर ठगी से बचाव का एकमात्र जरिया है।